Home एग्रीकल्चर रुरल इकोनॉमी राजस्थान के अजमेर में टिड्डियों का हमला, फसलों को तीन से पांच फीसदी नुकसान की आशंका
राजस्थान के अजमेर में टिड्डियों का हमला, फसलों को तीन से पांच फीसदी नुकसान की आशंका
राजस्थान के अजमेर में टिड्डियों का हमला, फसलों को तीन से पांच फीसदी नुकसान की आशंका

राजस्थान के अजमेर में टिड्डियों का हमला, फसलों को तीन से पांच फीसदी नुकसान की आशंका

कोरोना वायरस के कारण लॉकडाउन की मार झेल रहे राजस्थान में अजमेर जिले के किसानों की फसलों पर अब टिड्डियों ने हमला कर दिया है जिससे फसलों को तीन से पांच फीसदी नुकसान होने की आशंका है। हालांकि प्रशासन ने टिड्डियों के हमले से निपटने की तैयारी शुरू कर दी है।

बुधवार को सुबह नागौर के सांसद हनुमान बेनिवाल ने टिड्डी नियंत्रण के लिए कार्यरत कृषि विभाग की टीम के साथ खेतों का दौरा किया। नागौर की मुंडवा पंचायत समिति के झुंझडा, झनाणा व खुडखुड़ा गांवों की सरहद पर टिड्डी का जमावड़ा ज्यादा देखा गया।

सब्जियों के साथ ही जामुन के पेड़ तथा फसलों को 3 से 5 फीसदी नुकसान की आशंका

राजस्थान कृषि विभाग के उप निदेशक वीके शर्मा ने बताया कि अजमेर जिले में टिड्डी दल ने धावा बोला है। टिड्डों ने नागौर की तरफ से जिले में प्रवेश किया है जिसको रोकने के लिए हमने कीटनाशकों का छिड़काव करने के लिए अग्निशमन विभाग की मदद ली है। शर्मा ने कहा कि नागौर से टिड्डियों का झुंड जिले में प्रवेश कर गया तथा जैसे ही विभाग को सूचना मिली, एक सर्वेक्षण टीम और एक नियंत्रण टीम गठित की गई। उन्होंने कहा कि यह पहली बार है जब जिले में टिड्डियों का हमला हुआ है। इससे पहले, 1993 में अजमेर में इस तरह का हमला हुआ था। टिड्डी दल से हुए नुकसान के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि इस समय सब्जियों के साथ ही जामुन के पेड़ तथा फसलों को 3 से 5 फीसदी नुकसान की सूचना है।

जिले में 1,362 हेक्टेयर क्षेत्रफल में अभी तक कीटनाशकों का छिड़काव किया

उन्होंने बताया कि टिड्डियों से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए, कृषि विभाग ने फसलों पर कीटनाशकों के छिड़काव के लिए अग्निशमन विभाग की मदद ली है। शर्मा ने दावा किया कि इस संकट को प्रभावी ढंग से नियंत्रित करने में सक्षम हैं। उन्होंने बताया कि जिले में 1,362 हेक्टेयर क्षेत्रफल में अभी तक कीटनाशकों का छिड़काव किया जा चुका है। इस काम में दस से अधिक दमकलकर्मियों को तैनात किया गया है तथा टिड्डी नियंत्रण संगठन द्वारा आठ वाहनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस संकट में किसानों की मदद के लिए करने के लिए सप्ताह में 24 घंटे काम करने वाला एक नियंत्रण कक्ष और हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है।

पिछले साल राजस्थान और गुजरात में टिड्डियों के दल ने किया था हमला

पाकिस्तान में तबाही मचाने के बाद टिड्डियों के दल ने पिछले साल के अंत में राजस्थान और गुजरात में टिड्डियों के दल ने हमला किया था, और फसलों को तबाह कर दिया था। टिड्डियों का झुंड राजस्थान में आने वाली हवा या रेगिस्तानी तूफान की मदद से भारत में घुसपैठ करते है। हर साल पाकिस्तान से भारत में टिड्डियों की घुसपैठ का कोई ना कोई मामला सामने आता रहता है। हजारों-लाखों टिड्डियों का झुंड घुसपैठ करके देश की सीमावर्ती क्षेत्रो में किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचाता है।

एजेंसी इनपुट