Home एग्रीकल्चर रुरल इकोनॉमी भारतीय किसान यूनियन की मांग, गेहूं किसानों से उतराई, छनाई व सफाई के नाम पर 20 रुपये नहीं काटे जाए
भारतीय किसान यूनियन की मांग, गेहूं किसानों से उतराई, छनाई व सफाई के नाम पर 20 रुपये नहीं काटे जाए
भारतीय किसान यूनियन की मांग, गेहूं किसानों से उतराई, छनाई व सफाई के नाम पर 20 रुपये नहीं काटे जाए

भारतीय किसान यूनियन की मांग, गेहूं किसानों से उतराई, छनाई व सफाई के नाम पर 20 रुपये नहीं काटे जाए

उत्तर प्रदेश में भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने राज्य के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मांग की है कि राज्य की गेंहू खरीद नीति में उतराई, छनाई व सफाई के नाम पर किसानों से काटे जा रहे 20 रुपये प्रति क्विंटल को तुरंत बंद किया जाए, यह किसानों के साथ अन्याय है।

भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने बताया कि हमने मुख्यमंत्री को इस बाबत पत्र लिखा है। उन्होंने  कहा कि इस वर्ष खराब मौसम की वजह से किसानों की पैदावार में काफी कमी आई है। किसानों को पहले ही उनकी लागत का लाभकारी मूल्य भी नहीं मिल पा रहा है। गेंहू का समर्थन मूल्य तय करते समय भी इस तरह की कोई शर्त नहीं रखी जाती है। मंडी कानून के तहत भी 3 रुपये लिए जाने का प्रावधान है वह भी उस स्थिति में, जब गेंहू की छनाई व तराजू से तुलाई की गई हो।

कम्प्यूटरीकृत कांटों से तुलाई व थ्रेसर से कटाई के कारण सफाई की कोई आवश्यकता नहीं

उन्होंने कहा कि वर्तमान में कम्प्यूटरीकृत कांटों से तुलाई व नवीन तकनीकी के थ्रेसर से कटाई के कारण सफाई की कोई आवश्यकता नहीं है। किसानों द्वारा उतराई का कार्य स्वयं किया जाता है। जिसके चलते मंडी कानून भी गौण हो जाता है। किसानों पर उतराई, छनाई व सफाई के नाम पर खरीद एजेन्सियों द्वारा परिवहन का शुल्क वसूला जा रहा है। कृषि राज्यों का विषय है अगर इस तरह का कोई भी खर्च खरीद एजेन्सियों को दिया जाता है तो उसकी धनराशि राज्य सरकार द्वारा जारी की जाए। खरीद एजेन्सियों का खर्च किसानों से लिया जाना किसान हित पर कुठाराघात है। इसलिए गेंहू खरीद पर किसानों से लिए जाने वाले 20 रुपये प्रति क्विंटल का शुल्क अविलम्ब समाप्त किया जाए।