Home एग्रीकल्चर रुरल इकोनॉमी बाढ़ से हरियाणा में धान, गन्ने और मक्का की फसल को नुकसान की आशंका
बाढ़ से हरियाणा में धान, गन्ने और मक्का की फसल को नुकसान की आशंका
बाढ़ से हरियाणा में धान, गन्ने और मक्का की फसल को नुकसान की आशंका

बाढ़ से हरियाणा में धान, गन्ने और मक्का की फसल को नुकसान की आशंका

हथिनीकुंड बैराज से पानी छोड़े जाने से हरियाणा के यमुनानगर, करनाल, पानीपत और सोनीपत जिलों में हजारों एकड़ में धान, गन्ने और मक्का की फसल पानी में डूब गई है। राज्य के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने बुधवार को राज्य में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वे किया।

पिछले दो दिनों में बारिश में कमी आने के कारण यमुना नदी का जल स्तर तो कम हुआ है लेकिन प्रभावित जिलों में खेतों में पानी अभी भरा हुआ है। यमुना नदी के कारण यमुनानगर, करनाल, पानीपत और सोनीपत जिलों के कई गांव में बाढ़ आ गई है।

हथिनीकुंड बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद यमुनानगर जिले में दर्जनभर गांव में बाढ़ आ गई जिससे धान, गन्ना और मक्का के साथ ही सब्जियों की हजारों एकड़ में फसल डूब गई। यही स्थिति अन्य जिलों में भी बनी हुई है। फसल के नुकसान के मुआवजे के लिए किसान राज्य सरकार से विशेष गिरदवारी की मांग कर रहे हैं। प्रशासन ने यमुनानगर, करनाल, पानीपत और सोनीपत जिलों में हाई अलर्ट घोषित कर दिया है। यमुना नदी राष्ट्रीय राजधानी में प्रवेश करने से पहले इन जिलों से गुजरती है।

पिछले दो दिनों में बारिश में आई कमी

मुख्य सचिव केशनी आनंद अरोड़ा ने कहा कि अभूतपूर्व रूप से हुई मूसलाधार बारिश के कारण यमुना का जल स्तर इस बार 8.28 लाख क्यूसेक के नए स्तर पर पहुंच गया। इससे पहले वर्ष 2013 में यह 8.14 क्यूसेक था। चंडीगढ़ में मौसम विभाग ने कहा कि पहाड़ी राज्यों- हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड तथा हरियाणा में मानसूनी बारिश पिछले दो दिनों में कम हुई है।

बारिश और बाढ़ से पंजाब में 1,700 करोड़ रुपये की फसलों के नुकसान का अनुमान

पंजाब के भी कई जिलों में पानी भरने से खरीफ की प्रमुख फसल धान के साथ ही अन्य फसलों को भी नुकसान हुआ है। पंजाब सरकार ने राज्य में बारिश और बाढ़ से करीब 1,700 करोड़ रुपये की खरीफ फसलों के नुकसान का अनुमान लगाया है। बाढ़ से राज्य में फसलों को हुई क्षति के बारे में पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने बताया कि अनुमान के मुताबिक करीब 1,700 करोड़ रुपये की फसल बर्बाद हुई है।

एजेंसी इनपुट