Home एग्रीकल्चर रुरल इकोनॉमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब में डीजल हुआ महंगा, किसानों पर पड़ेगी मार
उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब में डीजल हुआ महंगा, किसानों पर पड़ेगी मार
उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब में डीजल हुआ महंगा, किसानों पर पड़ेगी मार

उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब में डीजल हुआ महंगा, किसानों पर पड़ेगी मार

कोरोना वायरस के कारण लॉकडाउन की मार झेल रहे किसानों पर अब महंगे डीजल की मार भी पड़ेगी। दिल्ली के बाद अब पंजाब, हरियाण और उत्तर प्रदेश सरकार ने भी डीजल के दाम बढ़ा दिए हैं, जिससे जुताई, बुआई के साथ ही सिंचाई का खर्च बढ़ जायेगा।

पंजाब सरकार ने डीजल के दाम में प्रति लीटर दो रुपये की वृद्धि की है। वैल्यू एडिड टैक्स (वैट) की दरों में संशोधन करते हुए पंजाब सरकार ने डीजल पर टैक्स 11.8 फीसदी से बढ़ाकर 15.15 फीसदी कर दिया है इससे राज्य में डीजल दो रुपये महंगा हो जायेगा। बुधवार को पंजाब में डीजल की कीमत 62.56 रुपये प्रति लीटर रही। दिल्ली सरकार ने पांच मई को डीजल पर 7.10 रुपये प्रति लीटर की भारी बढ़ोतरी की थी। आज 6 मई 2020, बुधवार को दिल्ली में डीजल की कीमत 69.39 रुपये प्रति लीटर रही। तमिलनाडु सरकार ने भी डीजल की कीमतों में 3.25 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। बुधवार को चेन्नै में डीजल की कीमत 68.22 रुपये प्रति लीटर हैं।

हरियाणा सरकार एक मई को ही डीजल की कीमतों में 1.10 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर चुकी है। बुधवार को चंडीगढ़ में डीजल की कीमत 59.30 रुपये प्रति लीटर रही। उत्तर प्रदेश सरकार ने भी बुधवार को डीजल के दाम में एक रुपये की बढ़ोतरी कर दी। उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना के अनुसार डीजल पर एक 1 रुपये प्रति लीटर बढ़ोतरी करने का फैसला लिया गया है तथा नई दरें आज रात 12 बजे से लागू होंगी।

जुताई, बुआई के साथ ही फसलों की सिंचाई होगी महंगी

उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले के देहराचक गांव के गन्ना किसान जोगिंद्र आर्य ने बताया कि लॉकडाउन के कारण सब्जी और दूध की बिक्री पहले नहीं हो रही है, उपर से सरकार ने डीजल की कीमतों में एक रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी, इससे जुताई, बुआई के साथ ही फसलों की सिंचाई महंगी हो जायेगी। उन्होंने बताया कि मंडी में फसल लेकर जाने का खर्च भी बढ़ जायेगा। हरियाणा के सोनीपत जिले के सब्जी किसान ईश्वर सिंह ने बताया कि राज्य सरकार ने पहली मई को ही डीजल के दाम 1.10 रुपये प्रति लीटर बढ़ा दिए थे, जिससे खेतों की ट्रैक्टर से जुताई, कीटनाशकों का छिड़काव और डीजल इंजन से सिंचाई का खर्च बढ़ जायेगा। उन्होंने बताया कि डीजल के दाम बढ़ने से सब्जी ले जाने वाले ट्रक और टैंम्पों का भाड़ा भी बढ़ गया है, जबकि लॉकडाउन के कारण पहले ही सब्जियों की बिक्री नहीं हो पा रही है।

केंद्र सरकार ने डीजल पर उत्पाद शुल्क को 13 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ाया

केन्द्र सरकार ने मंगलवार रात को पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क 10 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर उत्पाद शुल्क 13 रुपये प्रति लीटर बढ़ा दिया। उत्पाद शुल्क में इस बढ़ोतरी के बाद लोगों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की घटी कीमतों का कोई भी फायदा नहीं मिल पाएगा। कोरोना वायरस संक्रमण के चलते मांग नहीं होने के कारण पिछले माह ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत प्रति बैरल 18.10 डॉलर के निम्न स्तर पर पहुंच गई थी। यह 1999 के बाद से सबसे कम कीमत थी। हालांकि इसके बाद कीमतों में थोड़ी वृद्धि हुई और यह 28 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई।