Home एग्रीकल्चर रुरल इकोनॉमी बैंक ने लोन देने से ‌किया इनकार, किसान ने किडनी बेचने के ‌लिए लगाए पोस्टर
बैंक ने लोन देने से ‌किया इनकार, किसान ने किडनी बेचने के ‌लिए लगाए पोस्टर
बैंक ने लोन देने से ‌किया इनकार, किसान ने किडनी बेचने के ‌लिए लगाए पोस्टर

बैंक ने लोन देने से ‌किया इनकार, किसान ने किडनी बेचने के ‌लिए लगाए पोस्टर

एक राष्ट्रीयकृत बैंक द्वारा लोन देने से इनकार करने पर उत्तर प्रदेश के सहारनपुर के एक 30 वर्षीय किसान ने किडनी बेचने के लिए इलाके में पोस्टर लगा दिए, साथ ही सोशल मीडिया पर भी अपनी किडनी बेचने के लिए ग्राहकों की तलाश कर रहे हैं।

किसान रामकुमार जिन्होंने प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई) के तहत डेयरी फार्मिंग और पशुपालन में सर्टिफिकेट कोर्स किया हुआ है। इस आधार पर उन्होंने डेयरी खोलने के लिए बैंक से ऋण लेने के ‌लिए आवेदन किया था लेकिन बैंक ने ऋण देने से इनकार कर दिया।

किसान ने डेयरी फार्मिंग और पशुपालन का किया हुआ है कोर्स

उन्होंने बताया कि खेती करके अपना जीवनयापन कर रहे हैं, लेकिन यह पर्याप्त नहीं है। किसान के आश्रित उसकी पत्नी और चार बच्चें हैं। उन्होंने बताया कि वह खेती से औसतन हर महीने केवल 3,000 रुपये कमा पा रहा है। उन्होंने बताया कि जब बैंक से मुझे ऋण नहीं मिला तो लोगों ने मुझे सुझाव दिया कि मुझे प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना से डेयरी का फार्मिंग और पशुपालन का कोर्स करना चाहिए, इसलिए मैंने ऐसा किया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2007 में मैंने हरियाणा के अंबाला के सरकारी सुअर प्रजनन फार्म में एक महीने का प्रशिक्षण पाठ्यक्रम पूरा किया। वर्ष 2016 में पंजाब नेशनल बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान के तहत डेयरी फार्मिंग में एक सप्ताह का प्रशिक्षण कार्यक्रम पूरा किया। फिर, वर्ष 2018 में पीएम योजना के तहत डेयरी किसान/उद्यमी के लिए पात्रता परीक्षा को पास किया। उसके बाद भी बैंक ने ऋण नहीं दिया।

बैंक ने माना, किसान ने कर्ज लेने के लिए किया था संपर्क

उन्होंने बताया कि आय के अन्य‍ स्रोत खोजने में असमर्थन होने के बाद ही मैं अपनी किडनी बेचने के लिए मजबूर हुआ हूं, जिसके लिए मैंने जगह-जगह पोस्टर लगाए हैं। किडनी बेचने के लिए मैंने आनलाइन भी प्रचार किया है, तथा मुझे दुबई और सिंगापुर से प्रस्ताव मिले भी हैं। हालांकि किडनी की कीमत के बारे में उन्होंने खुलासा करने से इनकार कर दिया। इस बारे में बैंक के एक अधिकारी ने माना कि किसान ने उनसे बैंक लोन के लिए संपर्क किया था तथा यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की एक शाखा द्वारा उनको ऋण से वंचित किया गया था। हालांकि मैंने बैंक से उनके आवेदन पर विचार करने और योग्यता के आधार पर ऋण देने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि मैं इस मामले को देखूंगा कि क्या किया जा सकता है।

एजेंसी इनपुट