Home एग्रीकल्चर रुरल इकोनॉमी सहजन की खेती को बढ़ावा देने के लिए बिहार सरकार किसानों को देगी 50 फीसदी अनुदान
सहजन की खेती को बढ़ावा देने के लिए बिहार सरकार किसानों को देगी 50 फीसदी अनुदान
सहजन की खेती को बढ़ावा देने के लिए बिहार सरकार किसानों को देगी 50 फीसदी अनुदान

सहजन की खेती को बढ़ावा देने के लिए बिहार सरकार किसानों को देगी 50 फीसदी अनुदान

बिहार सरकार ने सहजन के गुण और उपयोग के कारण राज्य में अब सहजन की खेती को बढ़ावा देने का निर्णय लिया है। राज्य सरकार किसानों को सहजन की खेती पर 50 फीसदी का अनुदान देगी। सरकार का मानना है कि सहजन के विकसित प्रभेदों की खेती को बढ़ावा देकर न सिर्फ स्थानीय बल्कि दूर-दराज के बाजारों में सब्जी के रूप में सालों भर उपलब्धता सुनिश्चित कराई जा सकेगी, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकेगी।

राज्य के कृषि मंत्री प्रेम कुमार ने बुधवार को बताया कि दक्षिण बिहार के 17 जिलों में सहजन की खेती कराई जाएगी। इसके लिए किसानों को सरकार 50 फीसदी अनुदान देगी। उन्होंने कहा कि सहजन की खेती पर प्रति हेक्टेयर लागत 74 हजार रुपये की आती है, जिसमें 37.5 हजार रुपये किसानों को अनुदान मिलेगा। वर्ष 2019-20 एवं 2020-21 दो वर्षो में सहजन की खेती के लिए 353.58 लाख रुपये की योजना स्वीकृत की गई है।

किसानों को सहजन की खेती के लिए दो किस्तों में मिलेगा अनुदान

राज्य के कृषि मंत्री के अनुसार यह योजना गया, औरंगाबाद, नालंदा, पटना, रोहतास, कैमूर, भागलपुर, नवादा, भोजपुर, जमुई, बांका, मुंगेर, लखीसराय, बक्सर, जहानाबाद, अरवल एवं शेखपुरा के किसानों के लिए है। उन्होंने कहा कि अनुदान राशि दो किस्तों में मिलेगी। पहली किस्त में किसानों को 27,780 रुपये और दूसरी किस्त में 9,250 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से भुगतान किया जाएगा। उन्होंने सहजन की विशेषता बताते हुए इसे बहुउपयोगी पौधा कहा। उन्होंने कहा कि इसके सभी भागों का उपयोग भोजन, दवा और औषधीय दवाईयों के लिए किया जा सकता है। भारत में सहजन के पारंपरिक प्रजाति के पौधों के अलावा कई प्रजाति विकसित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि किसान बेकार पड़ी जमीनों पर भी इसकी खेती कर लाभ कमा सकेंगे।

एजेंसी इनपुट