Home एग्रीकल्चर पालिसी बकाया भुगतान में देरी के साथ ही एसएपी तय नहीं होने से उत्तर प्रदेश के गन्ना किसान मुश्किल में
बकाया भुगतान में देरी के साथ ही एसएपी तय नहीं होने से उत्तर प्रदेश के गन्ना किसान मुश्किल में
बकाया भुगतान में देरी के साथ ही एसएपी तय नहीं होने से उत्तर प्रदेश के गन्ना किसान मुश्किल में

बकाया भुगतान में देरी के साथ ही एसएपी तय नहीं होने से उत्तर प्रदेश के गन्ना किसान मुश्किल में

उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों की मुश्किलें कम नहीं हो रही है, राज्य की 69 चीनी मिलों ने चालू पेराई सीजन के लिए गन्ने की पेराई तो आरंभ कर दी है, लेकिन एक तो पिछले पेराई सीजन का बकाया 3,978 करोड़ रुपये का भुगतान राज्य की चीनी मिलों ने अभी तक नहीं किया है, दूसरा पेराई सीजन आरंभ हुए डेढ़ महीना बीतने के बावजूद भी राज्य सरकार ने राज्य परामर्श मूल्य (एसएपी) तय नहीं किया है। एसएपी तय नहीं होने के साथ ही बकाया भुगतान में देरी के कारण किसानों को रबी फसलों की बुआई के लिए आर्थिक परेशानी उठानी पड़ रही है।

बकाया भुगतान और एसएपी तय नहीं होने से किसान पेरशान

उत्तर प्रदेश के अमरोह जिले के देहराचक गांव के गन्ना किसान जोगिंद्र आर्य ने आउटलुक को बताया कि मिलों द्वारा बकाया का पूरा भुगतान नहीं किया गया है जिस कारण खाद, बीज और कीटनाशकों की खरीद में परेशानी आ रही है। उन्होंने बताया कि इसका असर गेहूं, जौ, सरसों आदि की फसलों की बुआई पर पड़ रहा है। मुज्जफरनगर जिले के खरड़ गांव के किसान जितेंद्र मलिक ने बताया कि राज्य सरकार ने अभी तक गन्ने का एसएपी तय नहीं किया है, जिस कारण असमंजस की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने बताया कि पिछले साल भी राज्य सरकार ने गन्ने के एसएपी में कोई बढ़ोतरी नहीं की थी, जबकि बीज, खाद, डीजल और कीटनाशकों की कीमतें बढ़ने से लागत हर साल बढ़ जाती है।

पिछले पेराई सीजन का 3,978 करोड़ रुपये है अभी भी बकाया

सूत्रों के अनुसार चार नवंबर 2019 तक राज्य की चीनी मिलों पर किसानों का पेराई सीजन 2018-19 का 3,978 करोड़ रुपये बकाया बचा हुआ है। बकाया में सबसे ज्यादा हिस्सेदारी प्राइवेट चीनी मिलों पर 3,623 करोड़ रुपये है। इसके अलावा राज्य की सहकारी चीनी मिलों पर 321 करोड़ रुपये और निगम की चीनी मिलों पर 33.86 करोड़ रुपये बकाया है। पेराई सीजन 2017-18 का भी राज्य की चीनी मिलों पर 40.54 करोड़ रुपये बकाया है।

राज्य की 69 चीनी मिलों में पेराई आरंभ

उत्तर प्रदेश गन्ना आयुक्त कार्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि राज्य की 69 चीनी मिलों ने चालू पेराई सीजन 2019-20 (अक्टूबर से सितंबर) के लिए पेराई आरंभ कर दी है तथा 14 नवंबर तक राज्य में 2.93 लाख टन चीनी का उत्पादन हो चुका है। पिछले पेराई सीजन की समान अवधि में राज्य की 60 चीनी मिलों ने ही पेराई आरंभ की थी, तथा चीनी का उत्पादन 1.42 लाख टन का हुआ था। चालू पेराई सीजन में गन्ने में रिकवरी की दर 9.54 फीसदी की आ रही है जबकि पिछले पेराई सीजन की समान अवधि में रिकवरी 9.58 फीसदी की आ रही थी। पिछले पेराई सीजन में राज्य की 119 चीनी मिलों ने 10,296.31 क्विंटल गन्ने की पेराई की थी, तथा राज्य में 118.23 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ था।