Home एग्रीकल्चर पालिसी पशुपालन, डेयरी और मत्स्यपालन को बनाया अलग मंत्रालय, गिरिराज बने केंद्रीय मंत्री
पशुपालन, डेयरी और मत्स्यपालन को बनाया अलग मंत्रालय, गिरिराज बने केंद्रीय मंत्री
पशुपालन, डेयरी और मत्स्यपालन को बनाया अलग मंत्रालय, गिरिराज बने केंद्रीय मंत्री

पशुपालन, डेयरी और मत्स्यपालन को बनाया अलग मंत्रालय, गिरिराज बने केंद्रीय मंत्री

कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय मंत्रालय का के अतंर्गत काम करने वाले विभाग पशुपालन, डेयरी और मत्स्यपालन को मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में अलग मंत्रालय बना दिया है। बिहार की बेगूसराय सीट से सांसद बने गिरिराज सिंह को पशुपालन, डेयरी और मत्स्यपालन का केंद्रीय मंत्री बनाया गया है। उत्तर प्रदेश की मुजफ्फरनगर संसदीय सीट से सांसद चुने गए संजीव बालियान को पशुपालन, डेयरी और मत्स्यपालन में राज्य मंत्री बनाया गया है।

खेती के बाद देश की सबसे ज्यादा आबादी पशुपालन, डेयरी और मत्स्यपालन से जुड़ी हुई है इसलिए अलग मंत्रालय बनने से इस दिशा में ज्यादा काम होगा। दूध उत्पादन में भारत करीब 1,760 लाख टन के साथ विश्व में नंबर-1 है। इसमें 774.10 लाख टन गाय, 807.80 लाख टन भैंस, 56.20 लाख टन बकरी के दूध का योगदान है। विश्व के कुल दूध उत्पादन में भारत का हिस्सा करीब 20 फीसदी है। भारत के बाद अमेरिका का दूसरा स्थान है।

इसी तरह से भारतीय मत्स्य पालन और जल-कृषि खाद्य उत्पादन का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है जो 14 मिलियन से अधिक लोगों को आजीविका समर्थन और लाभकारी रोजगार के अलावा पोषण संबंधी सुरक्षा प्रदान करता है और कृषि निर्यात में प्रमुख योगदान देता है।

नए मंत्रालय के अंतर्गत पशुधन उत्पाद, उनके संरक्षण, रोगों से सुरक्षा तथा पशुधन में सुधार तथा डेयरी विकास के साथ-साथ दिल्ली दुग्ध योजना और राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड से जुड़े मामलें आते हैं। मंत्रालय अंतर्देशीय तथा समुद्री मत्स्यन एवं मात्स्यिकी से जुड़े मामलों को भी देखेगा।

उत्पादकता में सुधर के लिए राज्यों/संघ शासित प्रदेशों में आवश्यक मुलभुत सुविधाओं का विकास करना मंत्रालय की जिम्मेदारी होगी। पशुओं के स्वस्थ्य देखभाल के प्रावधान के माध्यम से पशुपालन की सुरक्षा और उनका संरक्षण करना है। राज्यों को वितरित करने के लिए बेहतर जर्मप्लाजमो के विकास के लिए केंद्रीय पशुधन फर्मों का विकास करना है।