Home एग्रीकल्चर पालिसी शिवसेना सांसद पीएम से मिले, फसल बीमा योजना की खामियों को दूर करने की मांग
शिवसेना सांसद पीएम से मिले, फसल बीमा योजना की खामियों को दूर करने की मांग
शिवसेना सांसद पीएम से मिले, फसल बीमा योजना की खामियों को दूर करने की मांग

शिवसेना सांसद पीएम से मिले, फसल बीमा योजना की खामियों को दूर करने की मांग

शिवसेना सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) की खामियों को दूर करने का आग्रह किया। सांसदों ने प्रधानमंत्री से शिकायत की कि महाराष्ट्र में कई किसानों को फसल बीमा योजना के तहत उनके नुकसान के लिए पर्याप्त मुआवजा नहीं मिला है।

प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बात करते हुए, लोकसभा में शिवसेना के नेता विनय राउत ने कहा कि फसल को होने पर किसानों को मुआवजा पिछले पांच वर्षों में सबसे ज्यादा हुई फसल उत्पादन के आधार पर देना चाहिए। बुलढाणा से पार्टी के सांसद प्रतापराव जाधव ने कहा कि बीमा कंपनियों के ब्लॉक और जिला स्तर पर अपने कार्यालय खोलने चाहिए, जिससे कि किसानों को अपने दावे दर्ज करने में मदद मिल सके।

बीमा दावों को निपटाने के लिए शिवसेना ने जुलाई में निकाला था मार्च

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ राज्य के किसानों को दिलाने के लिए शिवसेना ने 17 जुलाई 2019 को सड़क पर मार्च निकाला था। मोर्चे में शिवसेना पक्ष प्रमुख उद्धव ठाकरे के साथ पार्टी के वरिष्ठ नेता व प्रदेश के उद्योग मंत्री सुभाष देसाई, पर्यावरण मंत्री रामदास कदम और स्वास्थ्य मंत्री एकनाथ शिंदे समेत अन्य मंत्री शामिल हुए थे। उद्धव ने राज्य की सभी निजी बीमा कंपनियों को किसानों के बीमा से जुड़े लंबित प्रकरणों को 15 दिनों में निपटाने की चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा था कि बीमा कंपनियां हमें आक्रामक होने पर मजबूर न करे। उद्धव ने प्रदेश सरकार की कर्ज माफी योजना का लाभ लेने वाले किसानों के नाम की सूची बैंकों को अपने द्वार पर लगाने के लिए भी मार्च में 15 दिनों का समय दिया है।

केंद्र ने पीएमएफबीवाई में बदलाव के लिए राज्यों से मांग हैं सुझाव

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) में सभी किसानों के लिए फसल बीमा स्वैच्छिक बनाने के साथ ही ऊंचे प्रीमियम वाली फसलों को हटाने एवं राज्यों को अपनी फसल जोड़ने की छूट देने सहित कई बदलाव करने के लिए केंद्र सरकार ने राज्यों से सलाह मांगी है। हाल ही में राज्य के कृषि मंत्रियों का दिल्ली में सम्मेलन हुआ था, जिसमें कई राज्यों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को स्वैच्छिक बनाने की मांग की थी। अप्रैल, 2016 में लॉन्च पीएमएफबीवाई के तहत प्राकृतिक जोखिम के लिए खरीफ फसलों को 2 फीसदी, रबी फसलों को 1.5 फीसदी और बागवानी व वाणिज्यिक फसलों को 5 फीसदी के प्रीमियम पर बुआई पूर्व और बुआई बाद की अवधि के लिए बीमा योजना उपलब्ध कराई जाती है।

एजेंसी इनपुट