Home एग्रीकल्चर पालिसी पीएम-किसान पेंशन योजना के लिए पंजीकरण शुरू, किसानों को देना होगा प्रीमियम
पीएम-किसान पेंशन योजना के लिए पंजीकरण शुरू, किसानों को देना होगा प्रीमियम
पीएम-किसान पेंशन योजना के लिए पंजीकरण शुरू, किसानों को देना होगा प्रीमियम

पीएम-किसान पेंशन योजना के लिए पंजीकरण शुरू, किसानों को देना होगा प्रीमियम

केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री किसान मान-धन योजना (पीएम-केएमवाई) पेंशन के लिए पंजीकरण शुक्रवार को शुरू कर दिया। पेंशन लेने के लिए 18 से 40 वर्ष के किसानों को 55 रुपये से 200 रुपये का प्रीमियम हर महीने देना होगा। प्रीमियम किसानों की उम्र पर निर्भर करेगा। इस योजना में शामिल किसानों को 60 साल की आयु पूरी करने होने पर 3,000 रुपये की मासिक पेंशन मिलेगी।

केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने योजना का शुभारंभ करते हुए कहा कि आज पीएम-केएमवाई पंजीकरण प्रक्रिया देश भर में शुरू हो गई है। शुक्रवार दोपहर तक 418 किसानों ने पंजीकरण कराया है। मैं अधिक से अधिक किसानों से इस योजना में शामिल होने का अनुरोध करता हूं। उन्होंने कहा कि यह योजना जम्मू-कश्मीर और लद्दाख सहित पूरे देश में लागू की जाएगी।

कृषि मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से समय मिलने के बाद इस योजना की औपचारिक शुरुआत कराई जायेगी। उन्होंने कहा कि कड़ी मेहनत करने के बावजूद, किसान को पर्याप्त कमाई नहीं होती है। इसलिए सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है। हमने बेहतर आय सुनिश्चित करने के लिए कई उपाय किए हैं और पीएम-केएमवाई इस दिशा में एक और प्रयास है।

दो हेक्टेयर तक कृषि भूमि वाले किसान ही इस योजना के पात्र होंगे

उन्होंने कहा कि जिन किसानों के पास दो हेक्टेयर तक कृषि भूमि होगी वे इस योजना के पात्र होंगे। उन्होंने कहा कि 18 से 40 वर्ष की आयु के किसानों के लिए यह एक स्वैच्छिक और योगदान आधारित पेंशन योजना है। इस योजना को छोटे किसानों के लिए बनाया गया है और इसलिए इसमें जमीन की सीमा तय की गई है। पीएम-केएमवाई का प्रारंभिक नामांकन का काम ‘साझा सेवा केंद्र’ (सीएससी) के माध्यम से किया जा रहा है। नामांकन के लिए किसानों को कोई शुल्क नहीं देना पड़ेगा।

उम्र के आधार पर 55 से 200 रुपये का मासिक योगदान देना होगा

तोमर ने कहा कि सीएससी प्रत्येक नामांकन के लिए 30 रुपये का शुल्क लेगा जिसका बोझ सरकार वहन करेगी। उन्होंने बताया कि 18 वर्ष की आयु में योजना में शामिल होने वाले किसान को 55 रुपये और 40 की उम्र में योजना में आने वाले किसान को 200 रुपये का मासिक प्रीमियम देना होगा। उनके योगदान के बराबर ही सरकार भी अपनी ओर से योगदान देगी। इस योजना में शमिल किसानों को 60 साल की आयु पूरी करने होने पर 3,000 रुपये की मासिक पेंशन मिलेगी। किसान की मृत्यु होने की स्थिति में उसकी पत्नी को 1,500 रुपये की मासिक पेंशन मिलेगी।

पति और पत्नी अलग-अलग भी योजना में हो सकते हैं शामिल

उन्होंने कहा कि पति और पत्नी अलग-अलग भी 3,000 रुपये की पेंशन प्राप्त करने के हकदार होंगे, लेकिन उन्हें पेंशन कोष में अलग से योगदान करना होगा। 60 साल की आयु पूरी होने से पहले किसान की मृत्यु की स्थिति में पति अथवा पत्नी योजना को जारी रख सकते हैं। अगर किसान की 60 वर्ष की आयु के बाद मृत्यु हो जाती है, तो पति या पत्नी को पारिवारिक पेंशन के रूप में 50 फीसदी यानी 1,500 रुपये की मासिक पेंशन मिलेगी।

योजना की निगरानी और समीक्षा के लिए सचिवों की समिति

उन्होंने कहा कि योजना की निगरानी, समीक्षा और संशोधन के लिए, सचिवों की एक अधिकार प्राप्त समिति भी गठित की गई है। जो किसान पीएम-किसान योजना के लाभार्थी हैं, उनके पास उस योजना से प्राप्त होने वाली राशि से, बीमा योजना के लिए सीधे अपना योगदान करने का विकल्प होगा। नियमित योगदान नहीं होने की स्थिति में, लाभार्थियों को निर्धारित ब्याज दर सहित बकाया राशि का भुगतान करके अपने योगदान को नियमित करने की अनुमति होगी। कृषि मंत्री ने कहा कि एलआईसी, बैंकों और सरकार की ओर से एक शिकायत निपटान व्यवस्था बनाई जाएगी।