Home एग्रीकल्चर पालिसी राजस्थान : चना एवं सरसों के कुल उत्पादन के 22 फीसदी खरीद का लक्ष्य, कितने किसानों को मिलेगा समर्थन मूल्य
राजस्थान : चना एवं सरसों के कुल उत्पादन के 22 फीसदी खरीद का लक्ष्य, कितने किसानों को मिलेगा समर्थन मूल्य
राजस्थान : चना एवं सरसों के कुल उत्पादन के 22 फीसदी खरीद का लक्ष्य, कितने किसानों को मिलेगा समर्थन मूल्य

राजस्थान : चना एवं सरसों के कुल उत्पादन के 22 फीसदी खरीद का लक्ष्य, कितने किसानों को मिलेगा समर्थन मूल्य

राजस्थान की गहलोत सरकार ने चालू रबी सीजन में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर 8.50 लाख टन सरसों और 4.17 लाख टन चना को मिलाकर कुल 12.67 लाख टन खरीद का लक्ष्य तय किया है जोकि कुल उत्पादन का केवल 22 फीसदी ही है। इसलिए किसानों को 78 फीसदी फसल समर्थन मूल्य से नीचे भाव पर बेचनी पड़ेगी। अत: ऐसे में सवाल यह है कि कितने किसानों को फसल का समर्थन मिल पायेगा?

चना और सरसों का उत्पादन ज्यादा होने का अनुमान

राज्य के सरकारिता मंत्री उदयलाल आजंना के अनुसार चालू रबी में राज्य से एमएसपी पर 8.50 लाख टन सरसों और 4.17 लाख टन चना को मिलाकर कुल 12.67 लाख टन खरीद का लक्ष्य तय किया है। राज्य के कृषि निदेशालय के पहले आरंभिक अनुमान के अनुसार चालू रबी सीजन 2018-19 में राज्य में 35.88 लाख टन सरसों और 21.63 लाख टन चना को मिलाकर कुल 57.51 लाख टन उत्पादन का अनुमान है। पिछले रबी सीजन में राज्य में 34.01 लाख टन सरसों और 16.79 लाख टन चना को मिलाकर कुल 50.80 लाख टन का उत्पादन हुआ था। राज्य की मंडियों से पिछले रबी सीजन 2018-19 में समर्थन मूल्य पर 4.71 लाख टन सरसों और 5.79 लाख टन चना की खरीद की गई थी।

तीन महीने तक चलेगी एमएसपी पर खरीद

राज्य की मंडियों से पहली अप्रैल से चना और सरसों की खरीद एमएसपी पर शुरू की जायेगी जबकि कोटा संभाग से सरसों की नई फसल की खरीद 15 मार्च और चना की 25 मार्च से शुरू की जायेगी। कोटा संभाग में चना और सरसों की नई फसल की आवक अन्य मंडियों की तुलना में पहले शुरू हो जाती है। खरीद तीन महीनों जून के अंत तक चलेगी।

राज्य में 455 खरीद केंद्रों के माध्यम से होगी खरीद

केंद्र सरकार ने चालू रबी विपणन सीजन 2019-20 के लिए चना का एमएसपी 4,620 रुपये और सरसों का एमएसपी 4,200 रुपये प्रति क्विंटल तय किया हुआ है। राज्य सरकार के अनुसार सरसों की खरीद के लिए 246 खरीद केंद्र और चना की खरीद के लिए 209 खरीद केंद्र को मिलाकर कुल 455 खरीद केंद्र स्थापित किए जायेंगे। जरुरत होने पर खरीद केंद्रों की संख्या में बढ़ोतरी की जायेगी।