Home एग्रीकल्चर पालिसी कर्नाटक ने सूखा राहत राशि आवंटन में केंद्र पर पक्षपात का लगाया आरोप
कर्नाटक ने सूखा राहत राशि आवंटन में केंद्र पर पक्षपात का लगाया आरोप
कर्नाटक ने सूखा राहत राशि आवंटन में केंद्र पर पक्षपात का लगाया आरोप

कर्नाटक ने सूखा राहत राशि आवंटन में केंद्र पर पक्षपात का लगाया आरोप

कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री जी परमेश्वर ने केंद्र सरकार पर सूखाग्रस्त राज्यों को दी जाने वाली वित्तीय सहायता में पक्षपात करने का आरोप लगाया है। जी परमेश्वर ने एक ट्वीट में कहा कि कर्नाटक ने सूखा राहत के लिए केंद्र सरकार से 2,434 करोड़ रुपये की मांग की थी जबकि केंद्र सरकार ने केवल 949.49 करोड़ रुपये को मंजूरी दी गई है, जबकि महाराष्ट्र को सूखा राहत के लिए 4,714.28 करोड़ रुपये दिए।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा किए जा रहे पक्षपात की सभी को निंदा करनी चाहिए। उन्होंने बताया कि राज्य के 30 जिलों के 100 तालुका में सूखे की स्थिति के कारण 16,500 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है, इसके लिए केंद्र सरकार से केवल 2,434 करोड़ रुपये की राहत राशि की मांग की गई थी।

महाराष्ट्र के 151 तालुकाओं में सूखे का असर है, जिस कारण महाराष्ट्र सरकार ने केंद्र सरकार से 7,962 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता की मांग की थी, तथा केंद्र सरकार ने 29 जनवरी को इसमें से 4,714.28 करोड़ रुपये की सहायता राशि को मंजूरी दी थी।

जी परमेश्वर ने एक अन्य ट्वीट में कहा कि केंद्र सरकार को पूर्वाग्रह से मुक्त होना चाहिए और सभी राज्यों के साथ समान व्यवहार करना चाहिए। हम तत्काल प्रतिक्रिया से इसे सुधारने की मांग करते हैं। उन्होंने कहा कि कर्नाटक के किसानों को सूखे के संकट से निपटने के लिए तत्तकाल मदद की जरुरत है।

मुख्यमंत्री भी जता चुके हैं विरोध

इससे पहले राज्य के मुख्यमंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने भी सूखा राहत राशि जारी करने के लिए केंद्र सरकार पर पक्षपात का आरोप लगाया था। कुमारस्वामी ने कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मिलकर सूखा राहत की अपनी मांगों को फिर से रखेंगे।

पक्षपात के खिलाफ प्रधानमंत्री को लिखा है पत्र

कांग्रेस की राज्य इकाई के अध्यक्ष दिनेश गुंडु राव ने रविवार को प्रधानमंत्री को लिखे अपने पत्र में इसे केंद्र सरकार की कर्नाटक के प्रति सौतेले व्यवहार की संज्ञा दी। केंद्र सरकार ने 29 जनवरी को सूखे और बाढ़ से प्रभावित छह राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी को राष्ट्रीय आपदा राहत कोष (एनडीआरएफ) से 7,214 करोड़ रुपये की सहायता राशि को मंजूरी दी थी।

प्रभावित छह राज्यों के लिए सहायता राशि को दी थी मंजूरी

केंद्र सरकार ने सूखा प्रभावित आंध्रप्रदेश और गुजरात में खरीफ 2018-19 सत्र के लिए क्रमश: 900.40 करोड़ रुपये और 127.60 करोड़ रुपये की सहायता राशि को मंजूरी दी थी। इसके अलावा कर्नाटक और महाराष्ट्र के लिए क्रमश: 949.49 करोड़ रुपये और 4,714.28 करोड़ रुपये की सहायता राशि को मंजूरी दी है। बाढ़ और भूस्खलन प्रभावित हिमाचल प्रदेश के लिए 317.44 करोड़ रुपये और बाढ़ प्रभावित राज्य उत्तर प्रदेश के लिए 191.73 करोड़ रुपये तथा चक्रवात प्रभावित पुडुचेरी के लिए 13.09 करोड़ रुपये मंजूर किए थे।