Home एग्रीकल्चर पालिसी हरियाणा बजट : खेती को जोखिम फ्री बनाने बनाने पर जोर-मुख्यमंत्री
हरियाणा बजट : खेती को जोखिम फ्री बनाने बनाने पर जोर-मुख्यमंत्री
हरियाणा बजट : खेती को जोखिम फ्री बनाने बनाने पर जोर-मुख्यमंत्री

हरियाणा बजट : खेती को जोखिम फ्री बनाने बनाने पर जोर-मुख्यमंत्री

हरियाणा का वर्ष 2020-21 का बजट पेश करते हुए मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि  सरकार ने बजट में खेती को जोखिम फ्री बनाने पर जोर दिया है ताकि वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुनी की जा सके। बतौर वित्त मंत्री यह उनका पहला बजट है। मुख्यमंत्री ने किसानों को बड़ी सौगात देते हुए बिजली के दाम कर कर दिए हैं अब किसानों को 7.50 रुपये प्रति यूनिट की जगह 4.75 रुपये प्रति यूनिट देंगे होंगे।

बजट पेश करने से पहले मुख्यमंत्री ने कहा है कि बजट सबके हित में है। मैं पूरे हरियाणा का हूं और सारी जनता मेरी है। मुख्यमंत्री ने कहा खेती को जोखिम फ्री बनाने का प्रावधान किया गया है। किसानों की आय दोगुनी करने पर भी सरकार का जोर है। 54 मंडियों को राष्ट्रीय कृषि बाजार (ई-नाम) से जोड़ा जा रहा है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लाभ के लिए हर खंड कार्यालय में बीमा कंपनियों के प्रतिनिधि उपलब्ध रहेंगे।

किन्नू, अमरूद व आम के बगीचे लगाने पर 20 हजार रुपये प्रति एकड़ अनुदान

उन्होंने कहा कि जिन प्रगतिशील किसानों ने फसल विविधीकरण को अपनाया है, उन्हें मास्टर ट्रेनर के रूप में चयनित किया जाएगा। इन मास्टर ट्रेनर को दूसरे किसानों को फसल विविधीकरण के सफलतापूर्वक प्रोत्साहन करने पर पुरस्कृत किया जाएगा। अल्प बजट प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देंगे। किन्नू, अमरूद व आम के बगीचे लगाने पर किसानों को 20 हजार रुपये प्रति एकड़ अनुदान दिया जाएगा। इस बार के बजट में प्रावधान किया गया है कि हर ब्लॉक में पराली खरीद केंद्र बनाये जाएंगे जिससे फसल अवशेष का प्रबंधन हो सकेगा।

सब्जी मंडियों में महिला किसानों के लिए 10 फीसदी स्थान होगा आरक्षित

हरियाणा की सभी सब्जी मंडियों में महिला किसानों के लिए अलग से 10 फीसदी स्थान आरक्षित किया गया है। महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने हेतु किसान कल्याण प्राधिकरण में विशेष महिला सेल की स्थापना की जाएगी। गोदाम में चोरी की समस्या को रोकने के लिए राज्य के भंडारण निगम हेफेड, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग इत्यादि के सभी गोदामों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इस वर्ष 52 गोदामों में कैमरे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। शेष गोदामों को अगले चरणों में लिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट में सतत कृषि विकास पर जोर दिया गया है। 3 वर्ष में 1,00,000 एकड़ क्षेत्र में जैविक खेती का विस्तार किया जाएगा। इसके लिए धनराशि का प्रावधान किया है। हरियाणा की सभी बड़ी मंडियों में क्रॉप ड्रायर लगाए जाएंगे, ताकि किसानों को फसल सुखाने में कोई परेशानी न आए और उनको फसलों का पूरा दाम बिना किसी कटौती के मिल सके।

पानीपत और करनाल चीनी मिल का आधुनिकीकरण होगा

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के गन्ना किसानों को 340 रुपये प्रति क्विंटल का भाव दिया जा रहा है, जोकि पूरे देश में सबसे अधिक है। उन्होंने कहा कि 355 करोड़ रुपये की लागत से पानीपत और 263 करोड़ रुपये की लागत से करनाल चीनी मिलों का आधुनिकीकरण होगा। शाहबाद चीनी मिल में 60 करोड़ रुपये की लागत से एथेनॉल संयंत्र स्थापित किया जायेगा। गाय के दूध की आपूर्ति करने वाली सब्सिडी को 4 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर पांच रुपये प्रति लीटर किया जाएगा। यह भैंस के दूध के बराबर होगी। मोबाइल पशु चिकित्सा इकाइयां शुरू की जायेंगी तथा राज्य में पहला सहकारी टेट्रा पैक सयंत्र स्थापित किया जाएगा।

फसल विविधीकरण अपनाने वाले किसानों को पुरस्कृत किया जाएगा

महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देते हुए किसान कल्याण प्राधिकरण में विशेष महिला सेल की स्थापना होगी। फसल विविधीकरण अपनाने वाले किसानों को पुरस्कृत किया जाएगा और राष्ट्रीयकृत बैंकों से ऋण लेने वाले किसानों को भी ब्याज मुक्त ऋण की सुविधा मिलेगी। एक दूसरे के कृषि उपकरणों के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए मोबाइल ऐप बनाई जाएगी इससे कृषि मशीनीकरण को बढ़ावा दिया जाएगा। राज्य में पानी की कमी वाले 36 खंड की पहचान की गई है जल्द ही इसके लिए एक कानूनी ढांचा बनाया जाएगा। रासायनिक खादों का अंधाधुंध इस्तेमाल रोकने भी कार्ययोजना बनाई जा रही है। राज्य में 111 मृदा परीक्षण प्रयोगशालाएं बनेंगी जहां किसान मिट्टी की जांच करवा सकेंगें।