Home एग्रीकल्चर पालिसी पशुपालन में नई प्रौद्योगिकी से किसानों की आय बढ़ेगी-गिरिराज सिंह
पशुपालन में नई प्रौद्योगिकी से किसानों की आय बढ़ेगी-गिरिराज सिंह
पशुपालन में नई प्रौद्योगिकी से किसानों की आय बढ़ेगी-गिरिराज सिंह

पशुपालन में नई प्रौद्योगिकी से किसानों की आय बढ़ेगी-गिरिराज सिंह

पशुपालन में नई प्रौद्योगिकी से किसानों की आय बढ़ाने पर सरकार जोर देगी। केंद्र सरकार ने गुजरात के एक गांव में पशुपालन के साथ बायोगैस और मुर्गी पालन का नया प्रयोग शुरू किया है जिससे किसानों की आय में बढ़ोतरी का अनुमान है। पशुपालन, डेयरी और मत्सय पालन मंत्री गिरिराज सिंह और राज्य मंत्री संजीव बालियान ने बुधवार को एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि गुजरात के आनंद जिले के जकरिया गांव में 368 किसान पशुपालन का काम करते हैं, जोकि अमूल को अपना दूध बेचते हैं। 

इन किसानों में से 70 फीसदी ऐसे हैं जिनके पास एक एकड़ से कम जमीन है। इन किसानों के पशुओं के गोबर को एक बायोगैस प्लांट में डाला जाता है। इससे तैयार गैस की घरों में आपूर्ति की जाती है और बायोगैस से जो बायो स्लरी निकलता है उसे दो प्रति किलो की दर से बेचा जाता है। इस प्लांट से दैनिक आधार पर 22 टन बायो स्लरी निकलता है।

पशुपालन में नई प्रौद्योगिकी पर जोर

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए पशुपालन में नई प्रौद्योगिकी पर जोर दे रही है। आवारा पशुओं पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार इस मुद्दे से निपटने के तरीके तलाश रही है और अगले छह महीनों के भीतर इसका समाधान होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि पशुपालन एक उपेक्षित क्षेत्र बना हुआ है। देश की आजादी के बाद इस क्षेत्र को उचित महत्व नहीं दिया गया था लेकिन अब अलग मंत्रालय बनाया है, इसलिए हम इस क्षेत्र को जीवंत बनाने के लिए हर संभव कदम उठाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार इस तकनीक पर कार्य कर रही है कि ज्यादा से ज्यादा बछिया पैदा हो, हम शुरुआत में सालाना 30 लाख का लक्ष्य बना रहे हैं।

शून्य बजट खेती को बढ़ावा देने के लिए पायलट परियोजना शुरू

सरकार देसी नस्ल के मवेशियों के संरक्षण पर भी ध्यान केंद्रित करेगी। उन्होंने कहा कि 2.8 करोड़ मवेशियों पर टैगिंग की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। उन्होंने कहा कि शून्य बजट खेती को बढ़ावा देने के लिए गुजरात के आणंद जिले में एक पायलट परियोजना शुरू की गई है और सफलता के आधार पर इसे पूरे राज्य में और फिर पूरे देश में दोहराया जाएगा। राज्य मंत्री संजीव बाल्यान ने इस अवसर पर कहा कि इस क्षेत्र में निवेश और विकास को बढ़ावा देने के लिए सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) की आवश्यकता है।