Home एग्रीकल्चर पालिसी मटर आयात की मात्रा एक लाख टन तय, आयात हो चुका है 2.38 लाख टन का
मटर आयात की मात्रा एक लाख टन तय, आयात हो चुका है 2.38 लाख टन का
मटर आयात की मात्रा एक लाख टन तय, आयात हो चुका है 2.38 लाख टन का

मटर आयात की मात्रा एक लाख टन तय, आयात हो चुका है 2.38 लाख टन का

घरेलू बाजार में दलहन की कीमतों में सुधार लाने के लिए केंद्र सरकार ने मटर के आयात की एक लाख टन की मात्रा कर रखी है, लेकिन चालू वित्त वर्ष 2018-19 के पहले तीन महीनों अप्रैल से जून के दौरान ही 2.37 लाख टन मटर का आयात हो चुका है।

कृषि मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार चालू वित्त वर्ष 2018-19 के पहले तीन महीनों अप्रैल से जून के दौरान दालों का कुल आयात 3.57 लाख टन का हुआ है जिसमें 2.37 लाख टन मटर है। केंद्र सरकार ने 25 अप्रैल को मटर के आयात की एक लाख टन की मात्रा तय की थी, तथा 25 अप्रैल से पहले ही एक लाख टन मटर का आयात हो भी चुका था।

अब 31 दिसंबर तक लगी है आयात पर मात्रात्मक प्रतिबंध

केंद्र सरकार ने पहले 25 अप्रैल को तीन महीने यानि 30 जून तक एक लाख आयात की सीमा तय की थी, उसके बाद अंतिम तिथि को बढ़ाकर 30 सितंबर और फिर 31 दिसंबर 2018 तक कर दिया है।

100 फीसदी भुगतान वालों को दी थी छूट

उन्होंने बताया कि मटर के उन आयातकों को केंद्र सरकार ने आयात करने की छूट दी थी, जोकि 100 फीसदी भुगतान कर चुके थे, इसीलिए आयात 30 जून तक 2.38 लाख टन का हुआ है। वित्त वर्ष 2017-18 के दौरान दालों का कुल आयात 56.07 लाख टन का हुआ था, जबकि इसके पिछले वित्त वर्ष 2016-17 में रिकार्ड 66.09 लाख टन का आया हुआ था। इस दौरान कुल दलहन आयात में मटर की हिस्सेदारी करीब 50 फीसदी थी। वित्त वर्ष 2017-18 में 28.77 लाख टन और वित्त वर्ष 2016-17 में 31.72 लाख टन मटर का आयात हुआ था।

रिकार्ड उत्पादन का अनुमान

कृषि मंत्रालय के चौथे आरंभिक अनुमान के अनुसार फसल सीजन 2017-18 में देश में दलहन की रिकार्ड पैदावार 252.3 लाख टन होने का अनुमान है जबकि इसके पिछले साल 231.3 लाख टन दालों का उत्पादन हुआ था। पैदावार ज्यादा होने के कारण ही घरेलू बाजार में दालों की कीमतें न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से नीचे बनी हुई हैं।