Home एग्रीकल्चर पालिसी स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट के आधार पर समर्थन मूल्य तय करने की मांग : सीआईएफए
स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट के आधार पर समर्थन मूल्य तय करने की मांग : सीआईएफए
स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट के आधार पर समर्थन मूल्य तय करने की मांग : सीआईएफए

स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट के आधार पर समर्थन मूल्य तय करने की मांग : सीआईएफए

बजट पूर्व वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ हुई बैठक में किसानों के प्रतिनिधि के तौर पर कंसोर्टियम ऑफ इंडियन फार्मर्स एसोसिएशन (सीआईएफए) ने फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य को स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट के आधार पर तय करने की मांग की है।

सीआईएफए के जनरल सेक्रेटरी बोज्जा दशरथ रमी रेड्डी ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए सरकार को खेती के कई पहुओं पर जोर देना होगा। उन्होंने कहा कि स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश के आधार पर न्यूनतम समर्थन मूल्य का निर्धारण हो, जिसमें खेती की लागत, पारिवारिक मजदूरी, भूमि की कीमत को जोड़ने के बाद उसके ऊपर 50 फीसदी लाभ दिया जाएं।

पराली बैंक स्थापित करने की मांग

उन्होंने कहा कि किसानों की आमदनी को 2022 तक दोगुना करने और भारत को साल 2025 तक 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लिए कृषि उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने की जरुरत है। उन्होंने कहा कि हमने पराली बैंक स्थापित करने की मांग की है, जहां पराली को इकट्ठा किया जा सके और इसे उन इलाकों में सप्लाई किया जा सके, जहां जानवर के लिए चारे की कमी रहती है।

अनाज, फल और सब्जियों के लिए वेयरहाउस की संख्या बढ़ाने की जरुरत

साथ ही उन्होंने कहा कि अनाज, फल और सब्जियों के लिए वेयरहाउस की संख्या बढ़ाने की जरुरत है। सीआईएफए ने सरकार से बटाई पर और मजदूरी करने वाले किसानों के लिए इनकम सिक्योरिटी एक्ट लाने की मांग की, जिससे इनको एक तय इनकम हासिल हो सके। साथ ही सरकार से कृषि में उपयोग होने वाली मशीनरी पर लगने वाले जीएसटी को शून्य करने की मांग की। इसके अलावा खेती में निवेश करने के साथ ही चावल के निर्यात पर प्रोत्साहन दिए जाने की मांग रखी।

एग्री उत्पादों के निर्यात को बढ़ाना देने की मांग

एग्री में वैल्यू एडेट उत्पादों की मांग को बढ़ाने पर जोर दिए जाने के साथ ही सभी फूड प्रोसेस्ट उत्पादों पर जीएसटी की दर को शून्य किए जाने की मांग की। इससे ज्यादा मात्रा में एग्री उत्पादों को प्रोसेस किया जायेगा, जिससे किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी। तंबाकू किसानों की मदद के लिए इसके निर्यात को बढ़ावा देने के लिए मर्चेंडाइज एक्सपोर्ट फॉर्म इंडिया स्कीम (एमईआईएस) की मदद लने की मांग की। उन्होंने बताया कि देश के तंबाकू  किसानों की आमदनी दिन प्रतिदिन घट रही है। इसके अलावा दूध, कॉफी के साथ ही फसलों और सब्जियों के किसानों की सहायता के लिए एग्री उत्पादों के निर्यात को बढ़ाने पर जोर देने की मांग की। साथ ही किसानों को एग्री उत्पादों के प्रोसेसिंग से जोड़ कर आय बढ़ाने की मांग की।