Home एग्रीकल्चर पालिसी कोरोना वायरस : किसानों को ई-पास देने के साथ ही केंद्र बढ़ाकर गेहूं खरीद की तैयारी
कोरोना वायरस : किसानों को  ई-पास देने के साथ ही केंद्र बढ़ाकर गेहूं खरीद की तैयारी
कोरोना वायरस : किसानों को ई-पास देने के साथ ही केंद्र बढ़ाकर गेहूं खरीद की तैयारी

कोरोना वायरस : किसानों को ई-पास देने के साथ ही केंद्र बढ़ाकर गेहूं खरीद की तैयारी

देशभर में फैले कोरोना वायरस को देखते हुए गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद में एहतियात बरतते हुए राज्यों ने किसानों को ई-पास जारी करने के साथ ही केंद्रों की संख्या बढ़ाकर खरीद करने का फैसला लिया है। मध्य प्रदेश सरकार ने भी 15 अप्रैल से गेहूं की खरीद करने का निर्णय किया है।

पंजाब के खाद्य और आपूर्ति विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि राज्य में गेहूं के खरीद केंद्रों की संख्या को बढ़ाकर 4,000 कर दिया है। उन्होंने बताया कि गेहूं की खरीद की तारीख और समय के बारे में किसानों को आढ़तियों के माध्यम से सूचना दी जायेगी, साथ ही गेहूं बेचने के लिए मंडी में गेहूं लाने के लिए किसानों को ई-पास भी आढ़ती जारी करेंगे, उसी के हिसाब से किसान मंडी में आयेगा। इससे मंडी में अनावश्यक रूप से होने वाली भीड़ से बचा जा सकेगा। पंजाब से रबी विपणन सीजन 2019-20 में समर्थन मूल्य पर 129.12 लाख टन गेहूं की खरीद हुई थी।

हरियाणा में खरीद केंद्र होंगे ज्यादा, किसानों को देंगे बारदाना

हरियाणा में गेहूं के समर्थन मूल्य पर खरीद के लिए राज्य सरकार खरीद केंद्रों की संख्या बढ़ायेगी। राज्य के खाद्य और आपूर्ति विभाग के अनुसार गेहूं की खरीद 20 अप्रैल से शुरू की जायेगी तथा आढ़तियों के माध्यम से किसानों को बारदाना पहले ही दे दिया जायेगा। समर्थन मूल्य पर राज्य से पिछले रबी सीजन में 93.20 लाख टन गेहूं खरीदा गया था जबकि चालू रबी में राज्य में गेहूं के उत्पादन का लक्ष्य 132.71 लाख टन का तय किया गया है।

राजस्थान में ऐप से बनेंगे मंडी पास, मध्य प्रदेश में खरीद केंद्रों की बढ़ेगी संख्या

राजस्थान के खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अनुसार राज्य में किसानों से गेहूं की खरीद 15 अप्रैल से की जायेगी तथा गेहूं के समर्थन मूल्य पर खरीद के लिए किसानों के लिए ऐप बनाया गया है। किसान ऐप के माध्यम से मंडी पास बना सकेंगे तथा अगल-अलग फसलों के लिए अलग-अलग पास बनाना होगा। मध्य प्रदेश ने गेहूं की खरीद के लिए 15 अप्रैल की तारीख घोषित कर दी है। राज्य के खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि गेहूं की खरीद में भीड़ कम हो, इसके लिए खरीद केन्द्रों की संख्या भी बढ़ाई जायेगी। उन्होंने बताया कि पिछले साल राज्य से 67.25 लाख टन गेहूं की खरीद हुई थी, लेकिन चालू रबी में बुवाई में हुई बढ़ोतरी से उत्पादन अनुमान ज्यादा है। इसलिए खरीद भी बढ़ने का अनुमान है। राज्य में गेहूं की बुवाई चालू रबी में पिछले साल की तुलना में करीब 20 लाख हेक्टेयर ज्यादा हुई है।

सामान्यत: मध्य प्रदेश और राजस्थान से खरीद 15 मार्च के बाद हो जाती है शुरू

गेहूं के समर्थन मूल्य पर खरीद, मध्य प्रदेश और राजस्थान से 15 मार्च के बाद शुरू हो जाती है जबकि पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश से खरीद पहली अप्रैल से शुरू होती है। कोरोना वायरस के कारण देश भर में 21 दिनों के लॉकडाउन को देखते हुए राज्य ने खरीद की तारीख बढ़ा दी है। 14 अप्रैल तक देश भर में लॉकडाउन है, इसलिए पंजाब, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश ने खरीद 15 अप्रैल से और हरियाणा ने 20 अप्रैल से शुरू करने की घोषणा की है। रबी विपणन सीजन 2019-20 में 341.32 लाख टन गेहूं की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर हुई थी जबकि चालू रबी में गेहूं की रिकार्ड पैदावार 10.62 करोड़ टन होने का अनुमान है। इसलिए खरीद में भी बढ़ोतरी का अनुमान है। केंद्र सरकार ने चालू रबी विपणन सीजन 2020-21 के लिए गेहूं का एमएसपी 1,925 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है।