Home एग्रीकल्चर पालिसी तीन महीने का एक साथ राशन ले सकेंगी राज्य सरकारें, पीडीएस पर कैबिनेट का फैसला
तीन महीने का एक साथ राशन ले सकेंगी राज्य सरकारें, पीडीएस पर कैबिनेट का फैसला
तीन महीने का एक साथ राशन ले सकेंगी राज्य सरकारें, पीडीएस पर कैबिनेट का फैसला

तीन महीने का एक साथ राशन ले सकेंगी राज्य सरकारें, पीडीएस पर कैबिनेट का फैसला

केंद्र सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से राज्य सरकारों को अगले तीन महीने का राशन देने के फैसले को मंजूरी दी है। बुधवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केन्द्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में यह फैसला लिया गया। हालांकि इसके तहत राशन दुकानों से लाभार्थियों को पहले की ही तरह ही तीन रुपये प्रति किलो की दर से चावल और दो रुपये प्रति किलो की दर से गेहूं का आवंटन किया जायेगा।

कैबिनेट की बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि सरकार ने 80 करोड़ लोगों को 27 रुपये किलो वाला गेहूं 2 रुपये प्रति किलो की दर से और 37 रुपये किलो वाला चावल 3 रुपये प्रति किलो की दर से देने का फैसला किया है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार ने राज्य सरकारों को तीन महीने का एडवांस राशन खरीदने को कहा है।

पीडीएस में अगले तीन महीने का राशन अग्रिम दिया जाएगा

उन्होंने कहा कि सरकार सार्वजनिक विपणन प्रणाली (पीडीएस) के जरिए देश के 80 करोड़ लोगों की मदद करेगी तथा किसी भी जरूरी सामान की कमी नहीं होने देंगे। राज्य सरकारें भी लोगों की मदद कर रही हैं। उन्होंने कहा कि जान बचाने के लिए लॉकडाउन की जरूरत है, इसलिए तीन महीने का राशन अग्रिम दिया जाएगा। लोगों को जरूरत की चीजें मिलती रहेंगी, इसलिए अफवाहों से बचने की जरूरत है।

केंद्रीय खूल में खाद्यान्न का बंपर स्टॉक

केंद्र सरकार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के साथ ही और अन्य जन कल्याणकारी योजनाओं के लिए केंद्रीय पूल से गेहूं और चावल के साथ ही मोटे अनाजों का आवंटन करती है। भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के अनुसार पहली मार्च को केंद्रीय पूल में 584.97 लाख टन खाद्यान्न का स्टॉक है, जबकि तय मानकों बफर स्टॉक के अनुसार पहली अप्रैल 2020 को केंद्रीय पूल में खाद्यान्न का 160.40 लाख टन स्टॉक होना चाहिए, इसमें रिजर्व 50 लाख टन को भी मिला दें तो कुल खाद्यान्न का स्टॉक 210.40 लाख टन का होना चाहिए।