Home एग्रीकल्चर पालिसी भाजपा की राष्ट्रीय परिषद की बैठक में खेती के लिए पहले से चल रही योजनाओं का गुणगान
भाजपा की राष्ट्रीय परिषद की बैठक में खेती के लिए पहले से चल रही योजनाओं का गुणगान
भाजपा की राष्ट्रीय परिषद की बैठक में खेती के लिए पहले से चल रही योजनाओं का गुणगान

भाजपा की राष्ट्रीय परिषद की बैठक में खेती के लिए पहले से चल रही योजनाओं का गुणगान

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की शुक्रवार को राष्ट्रीय परिषद की बैठक में कृषि प्रस्ताव पारित किया गया जिसमें कृषि, किसान और कृषि क्षेत्र की मजबूती पर सरकार के कार्यो को रेखांकित तो किया गया, लेकिन भविष्य की योजनाओं के बजाए पहले से चल रही योजनाओं की ही ज्यादा जानकारी दी गई।

परिषद की बैठक में फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, सूक्ष्म सिंचाई की सुविधाएं, कम पानी में अधिक फसलों की सिंचाई के अलावा गेहूं ओर धान की खरीद की सरल प्रक्रिया के बारे में कहा गया। बैठक में केंद्र सरकार भविष्य में खेती और किसानों की दशा सुधारने के लिए कौन सी नई योजनाएं शुरू करेगी, इसमें बारे में कुछ नहीं कहा गया।

यह सब ऐसे में समय में हुआ है जब विपक्ष ने सरकार पर किसानों के साथ "विश्वासघात" करने का आरोप लगाया है और देश के विभिन्न हिस्सों में किसान संगठनों ने हाल ही में कई विरोध प्रदर्शन भी किए हैं।

भाजपा के वरिष्ठ नेता भूपेन्द्र यादव ने संवाददाताओं को बताया कि इस बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय परिषद द्वारा पहला प्रस्ताव कृषि क्षेत्र पर लाया गया है। उन्होंने कहा कि पहली बार देश में सभी फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) दिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने कृषि विकास एवं किसानों की समृद्धि के लिए उनकी आय और ऊपज को बढ़ाने पर समग्रता से विचार किया तथा इस दिशा में नीतिगत स्तर पर अनेक निर्णय लिए। इनमें मृदा स्वास्थ्य कार्ड, सूक्ष्म सिंचाई की सुविधाएं, कम पानी में अधिक फसलों की सिंचाई के प्रयास शामिल हैं। इसके अलावा सरकार ने किसानों के लिए गेहूं और धान की खरीद प्रक्रिया को किसानों के लिए सरल और उनके आर्थिक हितों के अनुरूप बनाया।

प्रस्ताव के अनुसार, किसानों को खाद और बीज की उपलब्धता के संकट से मुक्ति मिल गयी है। समर्थन मूल्य में वृद्धि की बहुप्रतीक्षित मांग को भी सरकार ने पूरा करने का कार्य किया है। कृषि क्षेत्र के लिए बजटीय आवंटन में वृद्धि हुई है। साथ ही किसानों की आय को दोगुना करने के लक्ष्य की ओर सरकार आगे बढ़ रही है।

इसमें कहा गया है कि राष्ट्रीय परिषद यह विश्वास व्यक्त करता है कि तय सीमा में हम ‘किसानों की आय दोगुनी’ करने के लक्ष्य को हासिल कर लेंगे। प्रस्ताव में कहा गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार के कार्यों ने देश की सवा करोड़ जनता के बीच यह भरोसा व्यक्त करने में सफलता अर्जित की है कि आज देश में ‘किसान-हितैषी’ सरकार कार्य कर रही है, जिसकी प्राथमिकता में उनका ‘अन्नदाता’ है।