Home एग्रीकल्चर न्यूज उत्तर प्रदेश, हरियाणा और उत्तराखंड में बेमौसम बारिश से धान समेत अन्य फसलों को नुकसान
उत्तर प्रदेश, हरियाणा और उत्तराखंड में बेमौसम बारिश से धान समेत अन्य फसलों को नुकसान
उत्तर प्रदेश, हरियाणा और उत्तराखंड में बेमौसम बारिश से धान समेत अन्य फसलों को नुकसान

उत्तर प्रदेश, हरियाणा और उत्तराखंड में बेमौसम बारिश से धान समेत अन्य फसलों को नुकसान

बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से उत्तर प्रदेश, हरियाणा और उत्तराखंड के कई जिलों में खरीफ की प्रमुख फसल धान के साथ ही दलहन और सब्जियों को नुकसान हुआ है। उत्पादक राज्यों की अनाज मंडियों में खुले आसमान के नीचे रखी धान की फसल भीग गई है। इन राज्यों में धान के साथ ही दलहन की फसलों की कटाई का कार्य चल रहा है लेकिन तेज बारिश और ओलावृष्टि से खेतों में खड़ी फसल गिर गई है जिससे किसानों को भारी घाटा होने की आशंका है।

धान के साथ दलहन की फसलों को नुकसान

उत्तर प्रदेश के मेरठ, बिजनौर, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर में तेज हवाओं के साथ बारिश और ओले पड़ने से धान और दलहन के साथ ही सब्जियों की फसल को नुकसान हुआ है। सहारनपुर कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी डा. आई के कुशवाहा के मुताबिक तेज आंधी व बारिश से खेतों में खड़ी धान की फसल गिर गई है। धान के अलावा मूंग, उड़द की फसल को ज्यादा नुकसान हुआ है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने बीमा राशि से भुगतान के दिए आदेश

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनपद सहारनुपर व मुजफ्फरनगर में भारी बारिश और तूफान से फसलों को हुए नुकसान के आकलन के लिए सम्बन्धित जिलाधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत प्रभावित किसानों के फसल नुकसान सम्बन्धी दावों का 48 घण्टे में निस्तारण करते हुए बीमा राशि का भुगतान सुनिश्चित कराएं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह निर्देश भी दिए हैं कि इस प्राकृतिक आपदा से हुए जान-माल के नुकसान का आंकलन करते हुए प्रभावित लोगों को तत्काल राहत राशि दे।

सहारनपुर में 24 घंटे में नुकसान के आकलन के निर्देश

सहारनपुर में हुई बारिश और ओलावृष्टि से हुए नुकसान का आकलन जिला प्रशासन ने शुरू कर दिया है। डीएम आलोक कुमार पांडेय ने सभी उप जिलाधिकारियों को 24 घंटे में सर्वे कर नुकसान का विवरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

किसानों ने अंबाला-हिसार हाइवे किया जाम

हरियाणा के अंबाला में देर रात हुई ओलावृष्टि से किसानों को भारी नुकसान हुआ है। कई गांवों में धान की फसल ओले और बारिश के कारण गिर गई। फसलों को हुए नुकसान के मुआवजे की मांग को लेकर किसानों ने अंबाला-हिसार हाइवे को जाम कर दिया। किसानों का कहना है कि बारिश और ओले से खेतों में खड़ी फसल पूरी तरह से बिछ गई है। खेतों में पानी जमा हो गया है और जो फसल खड़ी भी है उसके भी दाने झड़ चुके हैं।

कांग्रेस और इनेलो ने तुरंत मुआवजा देने की मांग की

हरियाणा की कांग्रेस पार्टी और इनेलों के नेताओं ने राज्य के कई जिलों में बेमौसम बारिश से फसलों को हुए नुकसान की गिरदावरी करवा कर जल्द से जल्द मुआवजा देने की राज्य सरकार से मांग की है। कांग्रेस के रोहतक से सांसद दिपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि बोमौसम बारिश और ओलावृष्टि से राज्य में धान और अन्य फसलों को भारी नुकसान हुआ है, इससे पहले भी 22 और 24 सितंबर को राज्य के कई जिलों में बेमौसम बारिश हुई थी, जिससे फसलों को नुकसान हुआ था।

इनेलो के वरिष्ठ नेता अभय चौटाला ने राज्य सरकार से प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग की।

बंगाल की खाड़ी में उठे तितली तूफान का असर

पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. आरके सिंह के अनुसार बंगाल की खाड़ी से उठे तितली तूफान के कारण ओडिशा और आंध्रप्रदेश में भारी भारी बारशि हुई, इसके असर से पश्चिमी बंगाल, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और उत्तराखंड में भी कई जगहों पर बारिश हुई है।