Home एग्रीकल्चर न्यूज बेमौसम बारिश और मजूदर नहीं मिलने से आलू किसान हलकान, कोल्ड स्टोर में स्टॉक कम
बेमौसम बारिश और मजूदर नहीं मिलने से आलू किसान हलकान, कोल्ड स्टोर में स्टॉक कम
बेमौसम बारिश और मजूदर नहीं मिलने से आलू किसान हलकान, कोल्ड स्टोर में स्टॉक कम

बेमौसम बारिश और मजूदर नहीं मिलने से आलू किसान हलकान, कोल्ड स्टोर में स्टॉक कम

बेमौसम बारिश के साथ ही मजदूरों की कमी से आलू किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। नवरात्रों के समय हमेशा आलू की मांग अच्छी रहती है, लेकिन आलू खेतों से नहीं निकल पा रहा, जिसका खामियाजा किसानों को उठाना पड़ रहा है।

उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के बहचौला गांव के आलू किसान अंबुज शर्मा ने बताया कि दो एकड़ में आलू की फसल लगाई हुई है, लेकिन अभी तक केवल एक एकड़ से ही आलू की फसल निकल पाई है। उन्होंने बताया कि लॉकडाउन के कारण प्रवासी मजदूर अपने गांव चले गए हैं, तथा जो मजदूर बचे हैं वह कोरोना वायरस के डर के कारण खेतों में काम नहीं कर रहे हैं। उपर से मौसम की मार अलग से पड़ रही है। उन्होंने बताया कि पिछले 24 घंटों में हुई भारी बारिश से खेत में पानी भर गया है, जिसकी वजह से सप्ताह भर तक खेत में काम नहीं हो पायेगा।

उन्होंने बताया कि इस समय दिल्ली की आजादपुर मंडी में आलू का भाव 16 से 22 रुपये प्रति किलो है लेकिन पूरा आलू खेत से ही नहीं निकल पाया है। पिछले साल आलू के किसानों पर कीमतों की मार पड़ी थी, इस बार बेमौसम बारिश के साथ ही कोरोना वायरस की मार पड़ रही है। उन्होंने बताया कि बेमौसम बारिश से फसल को नुकसान भी हुआ है, जिसका असर उत्पादकता पर भी पड़ रहा है। मार्च महीने में ही करीब चार से पांच बार बारिश हो चुकी है।

फरवरी, मार्च में हुई बारिश से खुदाई में देरी के साथ उत्पादन में भी आई कमी

रजपुरा ब्लॉक के गांव छिलौरा के आलू किसान राजपाल सिंह ने बताया कि उन्हाेंने 10 बीघा में आलू की फसल लगाई थी, जिसमें से आधे ही आलू की खुदाई हो पाई है। चालू सप्ताह में आलू की खुदाई करनी थी, लेकिन लॉकडाउन के साथ ही कर्फ्यू लगा होने की वजह से मजदूर नहीं मिल रहे, उपर से बारिश हो गई। राजपाल ने बताया कि इस बार फरवरी और मार्च में लगातार बारिश होती रही, जिस कारण खुदाई में भी देरी हुई, और उत्पादन में भी कमी आई। उन्होंने कहा कि अगर आलू की जल्द खुदाई कर कोल्ड स्टोर में नहीं पहुंचाया तो सड़ जाएगा।

कोल्ड स्टोर में आलू का भंडारण 15 से 20 फीसदी कम हुआ

आगरा कोल्ड स्टोरेज एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. सुदर्शन सिंघल ने बताया कि इस बार कोल्ड स्टोर में आलू का भंडारण 15 से 20 फीसदी कम हुआ है, क्योंकि मार्च महीने में करीब चार बार बारिश हो चुकी है। एक बार बारिश होने के बाद तीन-चार दिन आलू की खुदाई नहीं हो पाती। उन्होंने बताया कि जब से देशभर में कोरोना वायरस की वजह से लॉकडाउन हुआ है तब से लेबर नहीं मिल रहे। कोल्ड स्टोर में आलू भंडारण के लिए मजदूर नहीं मिल रहे हैं, इसलिए इस बार किसानों के साथ ही कोल्ड स्टोरेज मालिकों को भी नुकसान हो रहा है।

आलू का उत्पादन अनुमान ज्यादा

कृषि मंत्रालय के आरंभिक अनुमान के अनुसार फसल सीजन 2019-20 में आलू का उत्पादन 3.49 फीसदी बढ़कर 519.4 लाख टन होने का अनुमान है जबकि फसल सीजन 2018-19 में 510.9 लाख टन का उत्पादन हुआ था।