Home एग्रीकल्चर न्यूज उत्तर प्रदेश की चीनी मिलों पर गन्ना किसानों का बकाया 5,800 करोड़ के पार पहुंचा
उत्तर प्रदेश की चीनी मिलों पर गन्ना किसानों का बकाया 5,800 करोड़ के पार पहुंचा
उत्तर प्रदेश की चीनी मिलों पर गन्ना किसानों का बकाया 5,800 करोड़ के पार पहुंचा

उत्तर प्रदेश की चीनी मिलों पर गन्ना किसानों का बकाया 5,800 करोड़ के पार पहुंचा

विश्व बाजार में चीनी की कीमतों में आए सुधार से निर्यात में बढ़ोतरी के बावजूद भी उत्तर प्रदेश की चीनी मिलों पर किसानों का बकाया लगातार बढ़ रहा है। पहली अक्टूबर 2019 से शुरू हुए चालू पेराई सीजन के पहले चार महीनों में ही बकाया बढ़कर 5,896 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है जबकि राज्य के किसानों का पिछले पेराई सीजन का भी अभी तक 996 करोड़ रुपये चीनी मिलों ने भुगतान नहीं किया है।

उत्तर प्रदेश गन्ना आयुक्त कार्यालय के अनुसार चालू पेराई सीजन 2019-20 के पहले चार महीनों पहली अक्टूबर 2019 से 31 जनवरी 2020 तक राज्य की चीनी मिलों पर किसानों का बकाया बढ़कर 5,986.11 करोड़ रुपये हो गया है जबकि राज्य की चीनी मिलों ने पेराई सीजन 2018-19 का 996.39 करोड़ रुपये का भुगतान भी अभी तक नहीं किया है। इसके साथ ही पेराई सीजन 2017-18 का 40.54 करोड़ रुपये तथा पेराई सीजन 2016-17 का भी 22.29 करोड़ रुपये भी किसानों का राज्य की चीनी मिलों पर अभी तक बकाया है। तय नियमों के अनुसार चीनी मिलों को गन्ना खरीदने के 14 दिनों के अंदर किसानों को भुगतान करना होता है।

उत्तर प्रदेश के किसानों के बकाया मेें सबसे ज्यादा हिस्सेदारी प्राइवेट मिलों पर

बकाया भुगतान में सबसे ज्यादा हिस्सेदारी राज्य की प्राइवेट चीनी मिलों पर चालू पेराई सीजन का बढ़कर 5,325 करोड़ रुपये, सहकारी चीनी मिलों पर 461 करोड़ रुपये और निगम की चीनी मिलों पर 109.71 करोड़ रुपये हो चुका है। चालू पेराई सीजन में राज्य में 119 चीनी मिलों में पेराई चल रही है, जबकि पिछले साल 117 चीनी मिलों में पेराई चल रही है। पहली अक्टूबर 2019 से 31 जनवरी 2020 तक राज्य में चीनी का उत्पादन बढ़कर 54.95 लाख टन का हो चुका है जबकि पिछले पेराई सीजन में इस समय तक 53.36 लाख टन चीनी का ही उत्पादन हुआ था। चालू पेराई सीजन में गन्ने में औसतन रिकवरी 10.89 फीसदी की आ रही है जबकि पिछले पेराई सीजन में औसतन रिकवरी 11.07 की आई थी।

महाराष्ट्र की चीनी मिलों पर बकाया बढ़कर 415 करोड़ के पार

महाराष्ट्र चीनी आयुक्तालय के अनुसार राज्य में चालू पेराई सीजन में 15 दिसंबर 2019 तक उचित एवं लाभाकारी मूल्य (‌एफआरपी) के अनुसार 534.80 करोड़ रुपये का गन्ना किसानों से खरीदा है, जबकि इसमें से भुगतान केवल 119.55 करोड़ रुपये का ही किया है। अत: राज्य की चीनी मिलों पर गन्ना किसानों का बकाया 415.24 करोड़ रुपये पहुंच गया है।

चालू पेराई सीजन में 30 लाख टन चीनी के हो चुके हैं निर्यात सौदे

दिल्ली के चीनी कारोबारी सुधीर भालोठिया ने बताया कि विदेशी बाजार में कीमतों आए सुधार के कारण निर्यात पड़ते अच्छे लग रहे हैं। चालू पेराई सीजन में अभी तक करीब 30 लाख टन चीनी के निर्यात सौदे हो चुके हैं। केंद्र सरकार ने चालू पेराई सीजन के लिए 60 लाख टन चीनी के निर्यात का लक्ष्य तय किया है तथा सरकार चीनी के निर्यात पर मिलों को 104.48 रुपये प्रति क्विंटल की दर से सब्सिडी दे रही है। विश्व बाजार में व्हाईट शुगर के भाव 370 से 375 डॉलर प्रति टन हैं। दिल्ली में सोमवार को चीनी के भाव 3,550 से 3,600 रुपये और उत्तर प्रदेश में एक्स फैक्ट्री भाव 3,200 से 3,300 रुपये प्रति क्विंटल रहे।