Home एग्रीकल्चर न्यूज चीनी निर्यात में 48 फीसदी बढ़ोतरी, फिर भी सीजन समाप्त होने के बाद किसानों का बकाया
चीनी निर्यात में 48 फीसदी बढ़ोतरी, फिर भी सीजन समाप्त होने के बाद किसानों का बकाया
चीनी निर्यात में 48 फीसदी बढ़ोतरी, फिर भी सीजन समाप्त होने के बाद किसानों का बकाया

चीनी निर्यात में 48 फीसदी बढ़ोतरी, फिर भी सीजन समाप्त होने के बाद किसानों का बकाया

चीनी के निर्यात में चालू वित्त वर्ष के पहले चार महीनों में 48 फीसदी बढ़ोतरी हुई है, लेकिन गन्ने का पेराई सीजन समाप्त होने के बाद भी चीनी मिलों ने अभी तक किसानों को पूरा भुगतान नहीं किया है। उत्तर प्रदेश की चीनी मिलों पर अब भी किसानों का 5,000 करोड़ रुपये और महाराष्ट्र की चीनी मिलों पर 328 करोड़ रुपये बकाया है।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अनुसार चालू वित्त वर्ष 2019-20 के पहले चार महीनों अप्रैल से जुलाई के दौरान चीनी का निर्यात बढ़कर 18.59 लाख टन का हुआ है जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में इसका निर्यात केवल 9.67 लाख टन का ही हुआ था। मूल्य के हिसाब से इस दौरान 2,335.92 करोड़ रुपये की तुलना में 4,249.11 करोड़ रुपये का निर्यात हुआ है।

नवंबर के बाद विश्व बाजार में चीनी के भाव और सुधार की उम्मीद

इंडियन शुगर मिल्स एसोसिएशन (इस्मा) के अनुसार विश्व बाजार में व्हाईट चीनी का भाव 380 से 385 डॉलर प्रति टन है। केंद्र सरकार चीनी के निर्यात पर 10.50 रुपये प्रति किलो की सब्सिडी दे रही है, जिससे निर्यात पड़ते लग रहे हैं। विश्व बाजार में चीनी की कुल उपलब्धता इस बार 40 से 50 लाख टन कम रहने की आशंका है इसलिए आगे निर्यात सौदों में और तेजी आने का आने का अनुमान है। घरेलू बाजार में चीनी का उत्पादन नवंबर में बढ़ेगा, जबकि ब्राजील में यह बंद होने के करीब है। इससे विश्व बाजार में चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी का अनुमान है।

महाराष्ट्र में चीनी उत्पादन में कमी आने की आशंका

महाराष्ट्र शुगर कमिश्नर कार्यलय के अनुसार चालू सीजन में राज्य में पहले सूखा और बाद में बाढ़ से गन्ने के उत्पादन में कमी आई, जिससे चीनी का उत्पादन भी कम रहने का अनुमान है। राज्य में पिछले पेराई सीजन में 107.21 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ था। राज्य में गन्ने की बुआई इस बार 8.40 लाख हेक्टेयर में हुई जबकि पिछले साल की समान अवधि में 11 लाख हेक्टेयर में हो चुकी थी।

गन्ने की बुआई पिछले साल की तुलना में कम

इस्मा के अनुसार पिछले पेराई सीजन में देश में चीनी का उत्पादन 330 लाख टन का हुआ था, जबकि नए पेराई सीजन में उत्पादन 282 लाख टन ही होने का अनुमान है। दिल्ली के चीनी कारोबारी सुधीर भालोठिया ने बताया कि उत्तर प्रदेश में चीनी के एक्स फैक्ट्री भाव 3,350 से 3,400 रुपये और महाराष्ट्र में 3,125 से 3,200 रुपये प्रति क्विंटल चल रहे हैं। दिल्ली में बुधवार को चीनी के भाव 3,600 से 3,625 रुपये प्रति क्विंटल रहे। कृषि मंत्रालय के अनुसार चालू पेराई सीजन में गन्ने की बुआई घटकर 52.45 लाख हेक्टेयर में ही हुई है, जबकि पिछले साल की समान अवधि में 55.51 लाख हेक्टेयर में हो चुकी थी।