Sowing of kharif crops improved, But due to lack of rainfall in many parts of the country, the situation is worrisome : Outlook Hindi

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खरीफ फसलों की बुवाई तो सुधरी, लेकिन देश के कई हिस्सों में बारिश की कमी से हालात चिंताजनक

AUG 10 , 2018

चालू खरीफ में खरीफ फसलों की बुवाई में तो सुधार आया है लेकिन देश के कई हिस्सों में बारिश सामान्य से काफी कम होने से सूखे जैसे हालात बने हुए हैं जोकि चिंताजनक हैं। मानसूनी सीजन के बचे हुए भाग में अगर इन क्षेत्रों में अच्छी बारिश नहीं हुई तो फिर खरीफ फसलों के उत्पादन पर भी असर पड़ने की आशंका है।

कृषि मंत्रालय के अनुसार खरीफ फसलों की बुवाई 924.76 लाख हैक्टेयर में हो चुकी है जबकि पिछले साल इस समय तक इनकी बुवाई 938.66 लाख हैक्टेयर में ही हुई थी। हालांकि बुवाई 1.48 फीसदी अभी भी पिछले चल रही है, जबकि पिछले सप्ताह तक यह आंकड़ा 1.83 फीसदी था।

भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार पहली जून से 10 अगस्त तक देशभर में बारिश सामान्य से 11 फीसदी की कम हुई है तथा इस दौरान देशभर के करीब 220 जिलों में बारिश सामान्य से काफी कम होने के कारण सूखे जैसे हालात बने हुए हैं। इन जिलों में जल्द ही बारिश नहीं हुई तो फिर फसलों पर असर पड़ना शुरू हो जायेगा।

मंत्रालय के अनुसार खरीफ की प्रमुख फसल धान की रोपाई चालू खरीफ में अभी तक केवल 307.78 लाख हैक्टेयर में ही हो पाई है जबकि पिछले साल इस समय तक इसकी रोपाई 316.82 लाख हैक्टेयर में हो चुकी थी। धान की रोपाई पिछले साल की तुलना में 2.85 फीसदी पिछे चल रही है। दालों की बुवाई चालू खरीफ सीजन में घटकर 124.15 लाख हैक्टेयर में ही हुई है जबकि पिछले साल इस समय तक 127.89 लाख हैक्टेयर में दालों की बुवाई हो चुकी थी। खरीफ दलहन में मूंग की बुवाई पिछले साल से बढ़ी है लेकिन अरहर और उड़द की बुवाई पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले घटी है।

खरीफ तिलहनों की बुवाई चालू खरीफ में बढ़ी है, इनकी बुवाई बढ़कर 162.47 लाख हैक्टेयर में ही चुकी है जबकि पिछले साल इस समय तक इनकी बुवाई 154.34 लाख हैक्टेयर में ही हुई थी। खरीफ तिलहन की प्रमुख फसल सोयाबीन की बुवाई चालू सीजन में बढ़कर 110.72 लाख हैक्टेयर में हो चुकी है जबकि पिछले साल इस समय तक सोयाबीन की बुवाई केवल 101.56 लाख हैक्टेयर में ही हो पाई थी। मूंगफली की बुवाई घटकर चालू सीजन में अभी तक केवल 35.32 लाख हैक्टेयर में ही हो पाई है जबकि पिछले साल की समान अवधि में मूंगफली की बुवाई 36.58 लाख हैक्टेयर में हो चुकी थी। केस्टर सीड की बुवाई चालू खरीफ में घटकर 2.41 लाख हैक्टेयर में ही हुई है जबकि पिछले साल इस समय तक इसकी बुवाई 3.02 लाख हैक्टेयर में हो चुकी थी।

मोटे अनाजों की बुवाई भी पिछड़ कर चालू खरीफ में अभी तक 160.16 लाख हैक्टेयर में ही हो पाई है जबकि पिछले साल इस समय तक मोटे अनाजों की बुवाई 165.58 लाख हैक्टेयर में हो चुकी थी। मोटे अनाजों में मक्का की बुवाई चालू सीजन में 74.34 लाख हैक्टेयर में ही हुई है जबकि पिछले साल इस समय तक इसकी बुवाई 74.44 लाख हैक्टेयर में हो चुकी थी। बाजरा की बुवाई चालू सीजन में घटकर अभी तक केवल 60.11 लाख हैक्टेयर में ही हुई है जबकि पिछले साल इस समय तक 67.38 लाख हैक्टेयर में बाजरा की बुवाई हो चुकी थी। ज्वार की बुवाई चालू खरीफ में पिछले साल के 17.23 लाख हैक्टेयर से बढ़कर 15.54 लाख हैक्टेयर में हो चुकी है।

कपास की बुवाई भी चालू खरीफ सीजन में 3.85 फीसदी पिछे चल रही है। अभी तक देशभर में कपास की बुवाई केवल 112.60 लाख हैक्टेयर में ही हो पाई है जबकि पिछले साल इस समय तक इसकी बुवाई 117.11 लाख हैक्टेयर में हो चुकी थी। गन्ने की बुवाई चालू खरीफ सीजन में बढ़कर 50.60 लाख हैक्टेयर में हो चुकी है जबकि पिछले साल इस समय तक गन्ने की बुवाई 49.86 लाख हैक्टेयर में ही हो पाई थी।


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