Home एग्रीकल्चर न्यूज अच्छे मानसून से दलहन, तिलहन के साथ कपास की बुआई ज्यादा, 104 फीसदी की भारी बढ़ोतरी
अच्छे मानसून से दलहन, तिलहन के साथ कपास की बुआई ज्यादा, 104 फीसदी की भारी बढ़ोतरी
अच्छे मानसून से दलहन, तिलहन के साथ कपास की बुआई ज्यादा, 104 फीसदी की भारी बढ़ोतरी

अच्छे मानसून से दलहन, तिलहन के साथ कपास की बुआई ज्यादा, 104 फीसदी की भारी बढ़ोतरी

देश के कई राज्यों में प्री मानसून के साथ ही जून महीने में हुई अच्छी मानसूनी बारिश से खरीफ फसलों की बुआई में 104.25 फीसदी की भारी बढ़ोतरी हुई है। दलहन के साथ तिलहन, कपास और मोटे अनाजों की बुआई ज्यादा हुई है। कृषि मंत्रालय के अनुसार चालू सीजन में खरीफ फसलों की बुआई बढ़कर 315.63 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है जबकि पिछले साल इस समय तक 154.53 लाख हेक्टेयर में फसलों की बुआई हो पाई थी।

भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार पहली जून से 26 जून के दौरान देश भर में सामान्य से 22 फीसदी ज्यादा बारिश हुई है। इस दौरान पूरे देश में औसतन 135.6 मिलीमीटर बारिश होती है जबकि चालू सीजन में 165.1 मिलीमीटर बारिश हुई है। इस दौरान मध्य भारत में सामान्य से 44 फीसदी ज्यादा बारिश हुई है। मध्य भारत के राज्यों मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र के मराठवाड़ा एवं विदर्भ के अलावा छत्तीसगढ़ तथा ओडिशा में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।

दलहन के साथ ही धान की रोपाई भी ज्यादा

खरीफ की प्रमुख फसल धान की रोपाई 37.71 लाख हेक्टेयर में हुई है जोकि पिछले साल की समान अवधि की 27.93 लाख हेक्टेयर से थोड़ी कम है। दालों की बुआई चालू खरीफ में बढ़कर 19.40 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है जबकि पिछले साल इस समय तक केवल 6.03 लाख हेक्टेयर में ही बुआई हो पाई थी। खरीफ दलहन की प्रमुख फसल अरहर की बुआई 9.87 लाख हेक्टेयर में, उड़द की 2.75 लाख हेक्टेयर में और मूंग की बुआई 5.30 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है जबकि पिछले साल इस समय तक इनकी बुआई क्रमश: 1.83 लाख हेक्टेयर, 90 हजार और 2.06 लाख हेक्टेयर में ही हुई थी। अन्य दालों की बुआई भी 1.46 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है जोकि पिछले साल की समान अवधि के 1.23 लाख हेक्टेयर से ज्यादा है।

मक्का, बाजरा के साथ ज्वार की बुआई बढ़ी

मोटे अनाजों की बुआई चालू खरीफ में बढ़कर 47.96 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है जबकि पिछले साल इस समय तक इनकी बुआई केवल 24.48 लाख हेक्टेयर में ही हो पाई थी। मक्का की बुआई बढ़कर चालू सीजन में 31.27 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है जबकि पिछले साल इस समय तक केवल 15.74 लाख हेक्टेयर में ही मक्का की बुआई हो पाई थी। बाजरा की बुआई बढ़कर 11.51 लाख हेक्टेयर में, ज्वार की 2.83 लाख हेक्टेयर में और रागी की 1.22 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है। पिछले साल इस समय तक इनकी बुआई क्रमश: 5.35 लाख हेक्टेयर, 1.13 लाख हेक्टेयर और 1.21 लाख हेक्टेयर में हुई थी।

सोयाबीन, मूंगफली और कपास की बुआई ज्यादा

खरीफ तिलहन की बुआई चालू सीजन में बढ़कर 83.31 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है जबकि पिछले साल इस समय तक 13.32 लाख हेक्टेयर में ही इनकी बुआई हो पाई थी। खरीफ तिलहन की प्रमुख फसल सोयाबीन की बुआई बढ़कर 63.26 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है जबकि पिछले साल इस समय तक इसकी बुआई केवल 2.66 लाख हेक्टेयर में ही हुई थी। मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान में अनुकूल मौसम से इसकी बुआई में बढ़ोतरी हुई है। इसी तरह से मूंगफली की बुआई बढ़कर 18.45 लाख हेक्टेयर में हुई है जोकि पिछले साल की समान अवधि के 9.81 लाख हेक्टेयर से ज्यादा है। कपास की बुआई चालू खरीफ सीजन में बढ़कर 71.69 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है जबकि पिछले साल इस समय तक इसकी बुआई केवल 27.08 लाख हेक्टेयर में ही हुई थी। गन्ने की बुआई चालू खरीफ सीजन में बढ़कर 49.69 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है जोकि पिछले साल की इसी अवधि के 49.03 लाख हेक्टेयर से ज्यादा है।