Home एग्रीकल्चर न्यूज ग्रामीण भारत बंद के कारण 8 जनवरी को दूध, सब्जियों और फलों की आवक प्रभावित होने की आशंका
ग्रामीण भारत बंद के कारण 8 जनवरी को दूध, सब्जियों और फलों की आवक प्रभावित होने की आशंका
ग्रामीण भारत बंद के कारण 8 जनवरी को दूध, सब्जियों और फलों की आवक प्रभावित होने की आशंका

ग्रामीण भारत बंद के कारण 8 जनवरी को दूध, सब्जियों और फलों की आवक प्रभावित होने की आशंका

किसानों की लंबीत मांगों को लेकर देशभर के 250 किसान संगठन अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति (एआईकेएससीसी) के बैनर तले 8 जनवरी को ग्रामीण भारत बंद रखेंगे, जिससे शहरों पर दूध के साथ ही सब्जियों एवं फलों की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका है।

किसान संगठनों के अनुसार ग्रामीण भारत बंद के कारण आठ जनवरी को अनाज, दूध, सब्जियां, फल आदि को लेकर किसान शहरों में नहीं जायेंगे, साथ ही आवश्यक वस्तुओं (दवाई) आदि को छोड़ अन्य चीजों की खरीद भी शहरों से नहीं की जायेगी। संगठनों के अनुसार ग्रामीण भारत बंद करने का मुख्य कारण कारण किसानों की मांगों के प्रति सो रही केंद्र और राज्य सरकारों को जगाना है।

मजबूर किसानों को बंद का आयोजन करना पड़ा

एआईकेएससीसी के संयोजक वीएम सिंह ने आउटलुक को बताया कि किसानों ने तय किया है कि वे आठ जनवरी को गांव के अंदर ही रहेंगे, तथा इस दौरान अनाज, दूध और सब्जियों के साथ फलों की बिक्री भी नहीं करेंगे। उन्होंने बताया कि शहरों से किसान आवश्यक वस्तु जैसे दवाई आदि को छोड़ अन्य चीजों की खरीद भी नहीं करेंगे। उन्होंने बताया कि सरकारों के लिए किसान केवल वोट बैंक बनकर रह गया है, चुनाव के समय पार्टियां किसानों के लिए अपने घोषणा पत्र में बड़े-बड़े दावे तो करती हैं लेकिन चुनाव बीत जाने के बाद किसानों को भुला दिया जाता है। इसीलिए मजबूर किसानों को ग्रामीण भारत बंद करने का फैसला करना पड़ा है।

अनेक दलों से समर्थन करने के लिए लिखा पत्र

अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय महासचिव अतुल कुमार अंजान ने विभिन्न राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय दलों के नेताओं को पत्र लिखकर ग्रामीण भारत बंद को समर्थन देने की अपील की है। प्रस्तावित ग्रामीण भारत बंद को समर्थन देने के लिये कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, राकांपा प्रमुख शरद पवार, जदयू अध्यक्ष नीतीश कुमार, बसपा अध्यक्ष मायावती, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव, राजद नेता तेजस्वी यादव, झारखंड मुक्ति मोर्चा के हेमंत सोरेन को पत्र लिखा है।