Home एग्रीकल्चर न्यूज धान किसानों की दीपावली फीकी, कीमतें पिछले साल से भी 400 रुपये कम
धान किसानों की दीपावली फीकी, कीमतें पिछले साल से भी 400 रुपये कम
धान किसानों की दीपावली फीकी, कीमतें पिछले साल से भी 400 रुपये कम

धान किसानों की दीपावली फीकी, कीमतें पिछले साल से भी 400 रुपये कम

धान की कीमतों में आई गिरावट ने किसानों की दीपावली फीकी कर दी है। पंजाब और हरियाणा की उत्पादक मंडियों में धान के भाव पिछले साल की तुलना में 300 से 400 रुपये प्रति क्विंटल तक नीचे आ गए है। उत्तर प्रदेश की मंडियों से खरीद कम होने के कारण किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से नीचे धान बेचना पड़ रहा है।

हरियाणा के झज्जर जिले के मांडौठी गांव के किसान चरणसिंह ने बताया कि उन्होंने चार एकड़ में पूसा बासमती 1,121 धान की फसल लगाई थी। जिले में बारिश नहीं होने से डीजल इंजन से सिंचाई करनी पड़ी, जिस कारण इस बार लागत पिछले साल की तुलना में प्रति एकड़ सात से आठ हजार रुपये ज्यादा आई। नजफगढ़ मंडी में उनका धान 2,800 रुपये प्रति क्विंटल बिकाजबकि पिछले साल उन्होंने 3,200 रुपये प्रति क्विंटल के भाव बेचा था। उन्होंने बताया कि इस बार लागत ज्यादा आई और भाव कम मिला। जिस कारण उन्हें मुनाफा तो दूरपूरी लागत भी वसूल नहीं हो पाई।

खरीद केंद्र तो खुले हैं लेकिन खरीदने वाले अधिकारी गायब

उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले की पूरनपुर तहसील के गांव बेगपुर के किसान गुरुप्रीत सिंह ने बताया कि मंडी में धान की खरीद करने के लिए केंद्र तो खोले गए हैंलेकिन खरीदने वाले अधिकारी नहीं हैं। उन्होंने बताया कि मंडी में धान 1,650 से 1,675 रुपये प्रति क्विंटल बिक रहा है जबकि धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) सरकार ने चालू खरीफ विपणन सीजन 2019-20 के लिए सामान्य किस्म का 1,815 रुपये और ग्रेड ए का 1,835 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है।

पूसा 1,121 और डीपी धान की आवक ज्यादा

हरियाणा की कैथल मंडी के धान कारोबारी रामनिवास ने बताया कि मंडी में शुक्रवार को पूसा बासमती 1,121 धान के भाव घटकर 2,800 रुपये प्रति क्विंटल रह गएजबकि पिछले साल इसके भाव 3,100 से 3,200 रुपये प्रति क्विंटल थे। इसी तरह से पूसा 1,509 धान के भाव घटकर मंडियों में 2,400-2,500 रुपये प्रति क्विंटल रह गएजबकि पिछले साल इस समय मंडी में इसके भाव 2,700-2,800 रुपये प्रति क्विंटल थे। उन्होंने बताया कि मंडी में डुप्लीकेट बासमती धान के भाव भी घटकर 2,200 से 2,300 रुपये प्रति क्विंटल रह गएजो पिछले साल की तुलना में 300 से 400 रुपये कम है। मंडी में पूसा 1,121 धान की दैनिक आवक बढ़कर 10 हजार बोरीडीपी धान की 50 हजार बोरी और पूसा 1,509 की पांच हजार बोरी की हुई।

बासमती चावल का ईरान और सऊदी अरब को नहीं हो रहा निर्यात

नरेला मंडी के चावल कारोबारी महेंद्र जैन ने बताया कि बासमती चावल के ईरान और सऊदी अरब को निर्यात सौदे नहीं हो रहे हैंजिसका सीधा असर धान की कीमतों पर पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि पूसा 1,121 बासमती चावल सेला का भाव घटकर 5,600 रुपये और पूसा 1,509 धान के सेला चावल काभाव 5,400 रुपये प्रति क्विंटल रह गया। डीपी सेला चावल का भाव घटकर 4,900 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। इन भाव में निर्यात सौदे नहीं हो रहे हैंजबकि आगे मंडियों में आगे पूसा 1,211 और डीपी धान की दैनिक आवक बढ़ेगीजिससे और गिरावट आने का अनुमान है।