Home एग्रीकल्चर न्यूज पेंशन योजना में किसानों की रुचि कम, महीनेभर में केवल 8.36 लाख का हुआ पंजीकरण
पेंशन योजना में किसानों की रुचि कम, महीनेभर में केवल 8.36 लाख का हुआ पंजीकरण
पेंशन योजना में किसानों की रुचि कम, महीनेभर में केवल 8.36 लाख का हुआ पंजीकरण

पेंशन योजना में किसानों की रुचि कम, महीनेभर में केवल 8.36 लाख का हुआ पंजीकरण

प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना (पीएम-किसान पेंशन) स्कीम में किसान कम रुचि दिखा रहे हैं। स्कीम को शुरू हुए महीनेभर से ज्यादा बीतने के बाद भी देशभर के केवल 8.36 लाख किसानों का इस स्कीम में पंजीकरण हो पाया है। योजना के पहले चरण में करोड़ लघु एवं सीमांत (दो हेक्टेयर जोत वाले) किसानों को शामिल करने का लक्ष्य है।

प्रधानमंत्री इस योजना की विधिवत शुरुआत 12 सितंबर को रांची से करेंगेहालांकि अगस्त को केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने योजना का शुभारंभ करते हुए पंजीकरण प्रक्रिया शुरू कर दी थी। कृषि मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि राज्य सरकारों से इस योजना के तहत ज्यादा से ज्यादा किसानों को जोड़ने के लिए कहा गया है लेकिन किसान कम रुचि ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि पीएम-किसान स्कीम से जोड़ने के लिए राज्यों में कैंप भी आयोजित किए जा रहे हैं।

देश के करीब दो लाख गावों में हैं सीएससी सेंटर

उन्होंने बताया कि पीएम-किसान पेंशन योजना में पंजीकरण का काम सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) द्वारा किया जा रहा है। देश के करीब दो लाख गावों में सीएससी सेंटर हैं तथा सभी सेंटरों को किसानों के पंजीकरण को प्राथमिकता के साथ पूरा करने का निर्देश भेजा गया है। लेकिन किसानों की रुचि कम होने के कारण अभी तक केवल 8.36 लाख किसान इस योजना में पंजीकरण करवा पाये हैं। उन्होंने बताया कि कई राज्यों में किसानों के पंजीकरण में इसलिए भी परेशानी आ रही है क्योंकि जमीन परिवार के मुखिया के नाम जमीन होती है तथा आमतौर पर मुखिया के देहांत के बाद ही उसके बच्चों के नाम जमीन का आवंटन होता है।

पहले चरण में करोड़ किसानों को इस योजना में शामिल करने का लक्ष्य

उन्होंने बताया कि पीएम-किसान पेंशन योजना में देशभर के करीब 12 करोड़ किसानों को शामिल करने का लक्ष्य है। पहले चरण में करोड़ किसानों को इस योजना के दायरे में लाया जाना है। दो हेक्टेयर तक कृषि भूमि वाले किसान ही योजना के पात्र होंगे। 18 से 40 वर्ष की आयु के किसानों के लिए यह एक स्वैच्छिक और योगदान आधारित पेंशन योजना है। इस योजना को छोटे किसानों के लिए बनाया गया है, इसीलिए इसमें जमीन की सीमा तय की गई है। योजना में शमिल किसानों को 60 साल की आयु पूरी करने पर 3,000 रुपये मासिक पेंशन मिलेगी। किसान की मृत्यु होने की स्थिति में उसकी पत्नी को 1,500 रुपये की मासिक पेंशन मिलेगी।

18 से 40 वर्ष के किसानों के लिए प्रीमियम 55 से 200 रुपये प्रति महीना

उन्होंने बताया कि इस योजना में 18 से 40 वर्ष के किसानों के लिए प्रीमियम 55 से 200 रुपये प्रति महीना है तथा इतना ही प्रीमियम केंद्र सरकार वहन करेगी। 18 वर्ष की आयु में 55 रुपये, 19 वर्ष की आयु में 58 रुपये, 20 वर्ष की आयु में 61 रुपये, 21 वर्ष की आयु में 64 रुपये, 22 वर्ष आयु में 68 रुपये, 23 वर्ष की आयु में 72 रुपये, 24 वर्ष की आयु में 76 रुपये और 25 वर्ष की आयु में किसान को 80 रुपये प्रति महीना प्रीमियम देना होगा। 31 वर्ष की आयु के किसान को 110 रुपये प्रति माह प्रीमियम देना होगा, तथा 31 के बाद हर वर्ष प्रीमियम की दर में 10 रुपये की बढ़ोतरी होगी तथा 40 वर्ष की आयु में किसान को 200 रुपये प्रीमियम देना होगा।