Home एग्रीकल्चर न्यूज कोरोना वायरस का असर : पैनिक खरीददारी से खुदरा में दालों के दाम 10-25 फीसदी बढ़े
कोरोना वायरस का असर : पैनिक खरीददारी से खुदरा में दालों के दाम 10-25 फीसदी बढ़े
कोरोना वायरस का असर : पैनिक खरीददारी से खुदरा में दालों के दाम 10-25 फीसदी बढ़े

कोरोना वायरस का असर : पैनिक खरीददारी से खुदरा में दालों के दाम 10-25 फीसदी बढ़े

चालू रबी में दालों की पैदावार ज्यादा होने का अनुमान है जबकि केंद्रीय पूल में बकाया स्टॉक भी ज्यादा है लेकिन कोरोना वायरस के कारण दालों में पैनिक खरीदारी होने से सप्ताह भर में ही खुदरा कीमतों में 10 से 25 फीसदी तक की तेजी दर्ज की गई। खुदरा में उड़द दाल की कीमतों में इस दौरान 25 रुपये की तेजी आकर भाव 120 रुपये और मूंग दाल की कीमतों में 20 रुपये की तेजी आकर भाव 115 रुपये तथा अरहर दाल की कीमतों में 10 रुपये की तेजी आकर भाव 105 रुपये प्रति किलो हो गए।

उपभोक्ता मामले, मंत्रालय के अनुसार मंगलवार को दिल्ली में चना दाल का भाव 72 रुपये, अरहर दाल का 93 रुपये, मूंग दाल का 101 रुपये, उड़द दाल का 108 रुपये और मसूर दाल का 71 रुपये प्रति किलो रहा। उत्पादक राज्यों में उड़द और मूंग के साथ ही मसूर और चना की नई फसल की आवक हो रही थी लेकिन लॉकडाउन से मंडियां बंद होने के कारण इनकी दैनिक आवक बंद हो गई है, जिस कारण दालों की प्रोसेसिंग भी रुक गई है।

कोरोना वायरस के कारण लोग दैनिक जरूरत की खरीद कर है ज्यादा

बाहरी दिल्ली के कंझावला में कपिल जनरल स्टोर चलाने वाले कपिस बंसल ने बताया कि कोरोना वायरस के डर से घरों में रहने की हिदायत देने के बाद से आम आदमी दैनिक जरूरत की वस्तुाओं की खरीदारी ही ज्यादा कर रहा है जिस कारण दालों की कीमतों में सप्ताह भर में 10 से 25 रुपये प्रति किलो तक की तेजी आ चुकी है। उन्होंने बताया कि चना और मसूर दाल की कीमतों में सप्ताह भर में पांच से सात रुपये प्रति किलो की तेजी आकर इनके भाव क्रमश 72 और 77 रुपये प्रति किलो हो गए जबकि इस दौरान सबसे ज्यादा तेजी उड़द और मूंग दाल की कीमतों में क्रमश: 25 और 20 रुपये प्रति किलो की आई है। उन्होंने बताया कि लॉकडाउन होने के बाद सोमवार को लोग ज्यादा खरीदारी कर रहे थे, लेकिन आज मंगलवार को पुलिस की सख्ती के कारण लोग घर से बाहर नहीं निकल रहे।

लॉकडाउन के कारण उत्पादक राज्यों की मंडियां है बंद

दिल्ली के नरेला में दाल मिल चलाने वाले महेंद्र जैन ने बताया कि उनकी मिल में अरहर दाल की प्रोसेसिंग होती है, अरहर में कच्चे माल की आपूति पड़ोसी राज्यों मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान से होती है जबकि इन राज्यों में लॉकडाउन है जिस कारण कच्चा माल नहीं आ रहा, इसलिए मिल में प्रोसेसिंग बंद हो चुकी है। उन्होंने बताया कि सप्ताह भर में ही साबुत अरहर के दाम करीब 400 से 500 रुपये प्रति क्विंंटल तेज हो चुके हैं जिसका असर खुदरा कीमतों पर पड़ा है।

कच्चा माल नहीं मिलने से दाल मिलों में प्रोसेसिंग हो चुकी है बंद

कर्नाटक के गुलबर्गा के दाल मिलर चंद्रशेखर ने बताया कि हमारी मिल में उड़द दाल की प्रोसेसिंग होती है तथा इस समय उड़द की आवक महाराष्ट्र या आंध्रप्रदेश से होती है। इन राज्यों में लॉकडाउन है। उन्होंने बताया कि म्यांमार से उड़द का आयात तो हो रहा है, लेकिन आयातित उड़द की शिपमेंट अनलोड नहीं हो रही है, जिस कारण कच्चा माल नहीं मिलने से दाल मिल में प्रोसेसिंग बंद हो चुकी है। उन्होंने बताया कि कोरोना वायरस के डर के कारण आम आदमी आवश्यक वस्तुओं की पैनिक खरीदारी कर रहा था, जिस कारण दाल की थोक कीमतों में सप्ताह भर में 400 से 600 रुपये प्रति क्विंटल की तेजी आई है।

दालों का उत्पादन ज्यादा होने का अनुमान

कृषि मंत्रालय के दूसरे आरंभिक अनुमान के अनुसार चालू फसल सीजन 2019-20 में दालों का उत्पादन 230.2 लाख टन होने का अनुमान है जोकि पिछले साल के 220.8 लाख टन से ज्यादा है। चालू रबी में दालों का उत्पादन पिछले साल के 139.8 लाख टन से बढ़कर 151.1 लाख टन होने का अनुमान है।