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कोरोना का असर: पैनिक खरीदारी से आवश्यक वस्तुओं के बढ़े दाम
कोरोना का असर: पैनिक खरीदारी से आवश्यक वस्तुओं के बढ़े दाम

कोरोना का असर: पैनिक खरीदारी से आवश्यक वस्तुओं के बढ़े दाम

कोरोना वायरस के कारण खाने-पीने की चीजों की पैनिक खरीदारी होने लगी है, जिस कारण दालें, खाद्य तेल, आटा, आलू, प्याज आदि की कीमतों में तेजी आई है। उपभोक्ता मामले मंत्रालय के अनुसार खुदरा बाजार में आलू के दाम बढ़कर शनिवार को 30 रुपये और प्याज के 40 रुपये प्रति किलो हो गए, जबकि 17 मार्च को इनके भाव क्रमश: 25 और 30 रुपये प्रति किलो थे। इस दौरान आटा एक रुपया महंगा हुआ जबकि दालों के दाम स्थिर रहे हैं।

सब्जी मंडी आजादपुर के सब्जी कारोबारी बलबीर सिंह भल्ला ने आउटलुक को बताया कि दो दिनों से खरीदारी बढ़ी है, जिससे आलू, प्याज और मटर आदि की कीमतों में तेजी आई है। उन्होंने बताया कि कोरोना वायरस के डर के कारण आम आदमी जो पहले दो-तीन दिन की सब्जियां खरीद रहा था, वह सप्ताहभर की सब्जियां खरीद रहा है। मंडी में आलू के भाव बढ़कर 1,100 से 1,200 रुपये प्रति 50 किलो हो गए, जबकि पिछले सप्ताह भाव 6,00 से 700 रुपये प्रति किलो थे। इसी तरह प्याज के दाम 1,200 से 1,300 रुपये प्रति 40 किलो हो गए, जबकि पहले इसका भाव 800 से 850 रुपये प्रति 40 किलो था। मटर के कीमतें मंडी में 15-20 रुपये से बढ़कर शनिवार को 30 से 35 रुपये प्रति किलो हो गईं। उन्होंने बताया कि मंडी में आलू, प्याज के साथ ही अन्य सब्जियों की आवक पर्याप्त मात्रा में हो रही है।

दालों की कीमतें बढ़ी

नरेला मंडी के कारोबारी महेंद्र जैन ने बताया कि पिछले तीन-चार दिनों में दालों की थोक कीमतों में 200 से 500 रुपये प्रति क्विंटल की तेजी आ चुकी है। उन्होंने बताया कि कानपुर मंडी में 16 मार्च को मटर का थोक भाव 4,250 रुपये प्रति किलो था जो बढ़कर 4,475 रुपये प्रति किलो हो गया। इंदौर मंडी में मसूर का भाव 16 मार्च को 4,100 रुपये प्रति क्विंटल था जो बढ़कर 4,600 रुपये प्रति क्विंटल हो गया। अरहर का भाव दिल्ली मंडी में बढ़कर 5,350 से 5,400 रुपये प्रति क्विंटल हो गया। चालू सप्ताह में इसका भाव 400 रुपये तक बढ़ चुके हैं।

खाद्य तेलों की कीमतों में भी मांग बढ़ने का असर

नया बाजार के खाद्य तेलों के कारोबारी हेमंत गुप्ता ने बताया कि खाद्य तेलों में घरेलू मांग बढ़ी है, जिससे सरसों तेल और सोया रिफाइंड तेल की कीमतों में डेढ़ से दो रुपये प्रति किलो की तेजी आई है। हालांकि विश्व बाजार में कोरोना वायरस के कारण खाद्य तेलों में मांग कमजोर है, जिससे इनके दाम स्थिर ही बने हुए हैं।

केंद्रीय पूल में खाद्यान्न का स्टॉक बफर से ज्यादा

भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के अनुसार पहली मार्च को केंद्रीय पूल में 584.97 लाख टन खाद्यान्न का स्टॉक मौजूद है जो तय मानकों बफर से ज्यादा है। तय मानकों के अनुसार पहली अप्रैल को केंद्रीय पूल में खाद्यान्न का 160.40 लाख टन का स्टॉक होना चाहिए, इसमें रिजर्व 50 लाख टन को भी मिला दें तो कुल खाद्यान्न का स्टॉक 210.40 लाख टन का होना चाहिए।

एफएओ ने विश्व में महंगाई की जताई आशंका

खाद्य और कृषि संगठन (एफएओ) ने कई देशों में लॉक डाउन के खतरे के बीच हो रही पैनिक खरीदारी से खाद्यान की कीमतों में तेजी और वैश्विक महंगाई की आशंका जताई है। एफएओ के अनुसार दुनिया में अनाज और तिलहन की कमी नहीं है, लेकिन कई इलाकों में पैनिक खरीदारी से कीमतें बढ़ने का खतरा है। साथ ही लॉक डाउन से इनकी सप्लाई पर भी असर पड़ने की आशंका है।