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दिसंबर में बासमती चावल के निर्यात में तेजी आने का अनुमान, पहली छमाही में 2.4 फीसदी घटा

NOV 09 , 2018

चालू वित्त वर्ष 2018-19 की पहली छमाही अप्रैल से सितंबर के दौरान बासमती चावल के निर्यात में 2.4 फीसदी की कमी आकर कुल निर्यात 20.82 लाख टन का ही हुआ है। दिसंबर के बासमती चावल के निर्यात सौदों में तेजी आने का अनुमान है तथा चालू वित्त वर्ष में कुल निर्यात 40 लाख टन के लगभग ही होने का अनुमान है।

बासमती चावल का निर्यात मात्रा में घटा, मूल्य के हिसाब से बढ़ा

एपिडा के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार चालू वित्त वर्ष 2018-19 की पहली छमाही में बासमती चावल का निर्यात मात्रा के हिसाब से तो घटा है, लेकिन मूल्य के हिसाब से बढ़ा है। अप्रैल से सितंबर के दौरान 20.82 लाख टन बासमती चावल का ही निर्यात हुआ है जबकि पिछले वित्त वर्ष 2017-18 की समान अवधि में 21.34 लाख टन का निर्यात हुआ था। मूल्य के हिसाब से चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में बासमती चावल का निर्यात 15,331 करोड़ रुपये का हुआ है जबकि पिछले वित्त वर्ष 2017-18 की समान अवधि में इसका निर्यात 13,706 करोड़ रुपये का ही हुआ था।

गैर-बासमती चावल का निर्यात घटा

उन्होंने बताया कि गैर-बासमती चावल का निर्यात चालू वित्त वर्ष 2018-19 के पहले छह महीनों अप्रैल से सितंबर के दौरान 37.23 लाख टन का ही हुआ है जबकि पिछले वित्त वर्ष 2017-18 की समान अवधि में इसका निर्यात 42.86 लाख टन का हुआ था। मूल्य के हिसाब से गैर बासमती चावल का निर्यात चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में 10,426 करोड़ रुपये का हुआ है जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में इनका निर्यात 11,236 करोड़ रुपये का हुआ था।

दिसंबर में निर्यात सौदों में तेजी आने का अनुमान

चावल की निर्यातक फर्म केआरबीएल लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर अनिल कुमार मित्तल ने बताया कि इस समय ईरान, साउदी अरब के साथ ही अन्य खाड़ी देशो की आयात मांग बासमती चावल में कम है लेकिन दिसंबर से निर्यात सौदों में तेजी आने का अनुमान है। उन्होंने बताया कि पूसा बासमती चावल 1,121 सेला का भाव विश्व बाजार में 1,100 डॉलर प्रति टन है लेकिन निर्यात सौदे अभी काफी कम हो रहे हैं।

बीते वित्त वर्ष में 40.15 लाख टन बासमती चावल का हुआ निर्यात

उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष 2018-19 में बासमती चावल का कुल निर्यात 40 लाख टन होने का अनुमान है। वित्त वर्ष 2017-18 में 40.51 लाख टन बासमती चावल का निर्यात 26,841.19 करोड़ रुपये का हुआ था।

पूसा 1,121 और डीपी धान की हो रही आवक ज्यादा

हरियाणा की कैथल मंडी के चावल कारोबारी रामनिवास खुरानिया ने बताया कि शुक्रवार को मंडी में बासमती धान की दैनिक आवक 35 से 40 हजार बोरी की हुई तथा कुल आवक में सबसे ज्यादा हिस्सेदारी पूसा बासमती 1,121 और डीपी धान की हो रही है। मंडी में पूसा बासमती 1,121 धान का भाव 3,600 से 3,650 रुपये और कंबाइन से कटे धान का भाव 3,200 से 3,300 रुपये प्रति क्विंटल रहा। कंबाइन से कटे धान में नमी की मात्रा ज्यादा आ रही हैै। मंडी में पूसा बासमती 1,121 चावल सेला का भाव 7,000 रुपये प्रति क्विंटल रहा।


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