Home एग्रीकल्चर न्यूज उत्तर प्रदेश और सौराष्ट्र में सूखे जैसे हालात, कपास और मूंगफली समेत कई फसलों पर असर
उत्तर प्रदेश और सौराष्ट्र में सूखे जैसे हालात, कपास और मूंगफली समेत कई फसलों पर असर
उत्तर प्रदेश और सौराष्ट्र में सूखे जैसे हालात, कपास और मूंगफली समेत कई फसलों पर असर

उत्तर प्रदेश और सौराष्ट्र में सूखे जैसे हालात, कपास और मूंगफली समेत कई फसलों पर असर

मानसून सीजन का डेढ़ महीना समाप्त होने वाला है, जबकि देशभर के आधे से ज्यादा राज्यों में बारिश सामान्य से कम हुई है। उत्तर प्रदेश और गुजरात के सौराष्ट्र में मानसूनी बारिश सामान्य से क्रमश: 54 और 72 फीसदी कम होने से सूखे जैसे हालात बने हुए हैं। बारिश की कमी का असर कपास, दलहन, मूंगफली, केस्टर सीड और धान की फसल पर पड़ने की आशंका है।

भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने आरंभिक अनुमान में चालू खरीफ में मानसूनी बारिश सामान्य होने की भविष्यवाणी की थी। मानसून का आगमन भी केरल में तय समय से 3 दिन पहले हो गया था, लेकिन देशभर के आधे से अधिक राज्यों में बारिश सामान्य से कम होने के कारण फसलों की बुवाई पर विपरित असर पड़ रहा है। उत्तर प्रदेश के साथ झारखंड, मणिपुर और गुजरात के सौराष्ट्र के हालात ज्यादा ही खराब हैं।

आधे से अधिक राज्यों में बारिश सामान्य से कम

आईएमडी के अनुसार गुजरात के सौराष्ट्र में चालू खरीफ में सामान्य के मुकाबले 72 फीसदी कम बारिश हुई है जबकि पूरे गुजरात में पहली जून से 11 जुलाई के दौरान सामान्य की तुलना में 43 फीसदी कम बारिश हुई है। उत्तर प्रदेश में इस दौरान सामान्य की तुलना में 54 फीसदी कम, झारखंड में 39 फीसदी कम, बिहार में 32 फीसदी, ओडिशा में 26 फीसदी, मणिपुर में 66 फीसदी, मेघालय और नागालैंड में 39-39 फीसदी, दिल्ली में 38 फीसदी और पश्चिम बंगाल में 21 फीसदी, अरूणाचल प्रदेश में 26 फीसदी, असम में 25 फीसदी, छत्तीसगढ़ में 15 फसीदी, मध्य प्रदेश में 6 फीसदी, उत्तराखंड में 10 फीसदी और हरियाणा में सामान्य की तुलना में 7 फीसदी कम बारिश हुई है।

गुजरात में फसलों की बुवाई में भारी कमी

गुजरात कृषि निदेशालय के अनुसार चालू खरीफ सीजन में राज्य में फसलों की बुवाई केवल 27.64 फीसदी यानि 23.67 लाख हैक्टेयर में ही हो पाई है जबकि पिछले साल की समान अवधि में राज्य में इस समय तक 45.74 लाख हैक्टेयर में बुवाई हो चुकी थी। राज्य की खरीफ की प्रमुख फसल कपास की बुवाई चालू सीजन में अभी तक केवल 11.44 लाख हैक्टेयर में ही हुई है जबकि पिछले साल की समान अवधि में इसकी बुवाई 19.90 लाख हैक्टेयर में हो चुकी थी। इसी तरह से मूंगफली की बुवाई चालू खरीफ में घटकर गुजरात में केवल 5.17 लाख हैक्टेयर में ही हुई है जबकि पिछले साल इस समय तक राज्य में 12.87 लाख हैक्टेयर में बुवाई हो चुकी थी।

देशभर में खरीफ फसलों की बुवाई 14 फीसदी पिछड़ी

कृषि मंत्रालय के अनुसार चालू खरीफ सीजन में फसलों की बुवाई में 14.17 फीसदी की कमी आकर कुल बुवाई 333.78 लाख हैक्टेयर में ही हो पाई है जबकि पिछले साल इस समय तक 388.88 लाख हैक्टेयर में बुवाई हो चुकी थी। चालू खरीफ में जहां कपास की कुल बुवाई में अभी तक 24 फीसदी की कमी आई है, वहीं धान की रोपाई में 15 फीसदी और दालों की बुवाई में 19.36 फीसदी की कम दर्ज की गई।