Home एग्रीकल्चर न्यूज कोरोना वायरस : कई राज्यों में मंडियां बंद होने से किसानों को गेहूं बेचने में होगी परेशानी
कोरोना वायरस : कई राज्यों में मंडियां बंद होने से किसानों को गेहूं बेचने में होगी परेशानी
कोरोना वायरस : कई राज्यों में मंडियां बंद होने से किसानों को गेहूं बेचने में होगी परेशानी

कोरोना वायरस : कई राज्यों में मंडियां बंद होने से किसानों को गेहूं बेचने में होगी परेशानी

गुजरात, मध्य प्रदेश और राजस्थान में गेहूं की कटाई आरंभ हो चुकी है जबकि अन्य राज्यों पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में अगले कुछ दिनों में कटाई शुरू होने वाली है। मध्य प्रदेश और राजस्थान में कोरोना वायरस के कारण मंडियां बंद है जबकि इन राज्यों से गेहूं की खरीद 25 मार्च से शुरू होनी है। पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश से गेहूं की सरकारी खरीद पहली अप्रैल 2020 से शुरू होगी। ऐसे में अगर मंडियां नहीं खुली तो किसानों को गेहूं बेचने में दिक्कतों का सामाना करना पड़ सकता है।

मार्च महीने में कई राज्यों में हुई बेमौसम बारिश, तेज हवा और ओलावृष्टि से कई राज्यों में गेहूं की फसल को पहल ही नुकसान हुआ है। बारिश के साथ ही तेज हवा से फसल खेतों में गिर गई है जिसका असर उत्पादकता के साथ ही क्वालिटी पर भी पड़ेगा। केंद्र सरकार ने देशभर के 75 जिलों में लॉकडाउन किया हुआ है तथा मध्य प्रदेश और राजस्थान में मंडियां बंद की गई है, जबकि कई अन्य राज्यों में भी बंद होने की आशंका है। अत: मंडियां नहीं खुली तो किसान गेहूं कहां बेचेंगे?

गेहूं का रिकार्ड उत्पादन अनुमान

कृषि मंत्रालय के दूसरे आरंभिक अनुमान के अनुसार चालू रबी में गेहूं का रिकार्ड उत्पादन 10.62 करोड़ टन होने का अनुमान है जोकि पिछले सीजन के 10.05 करोड़ टन से ज्यादा है। रबी विपणन सीजन 2019-20 में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर 341.32 लाख टन गेहूं की खरीद हुई थी, जबकि उत्पादन में बढ़ोतरी को देखते हुए चालू रबी में खरीद ज्यादा ही होने का अनुमान है। केंद्र सरकार ने चालू रबी विपणन सीजन 2020-21 के लिए गेहूं का एमएसपी 1,925 रुपये प्रति क्विंटल तय किया हुआ है जबकि पिछले रबी में गेहूं की खरीद 1,840 रुपये प्रति क्विंटल की दर से की थी।

केंद्रीय पुल में खाद्यान्न का बंपर स्टॉक

भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के अनुसार पहली मार्च को केंद्रीय पूल में 584.97 लाख टन खाद्यान्न का स्टॉक है, जबकि तय मानकों बफर स्टॉक के अनुसार पहली अप्रैल 2020 को केंद्रीय पूल में खाद्यान्न का 160.40 लाख टन स्टॉक होना चाहिए, इसमें रिजर्व 50 लाख टन को भी मिला दें तो कुल खाद्यान्न का स्टॉक 210.40 लाख टन का होना चाहिए। पहली अप्रैल को केंद्रीय पूल में गेहूं का 44.60 लाख टन का बफर स्टॉक और 20 लाख टन के रिजर्व को मिलाकर कुल 64.60 लाख टन का ही स्टॉक होना चाहिए, पहली पहली मार्च 2020 को केंद्रीय पूल में गेहूं का ही 275.21 लाख टन का स्टॉक है।