Home एग्रीकल्चर न्यूज कोरोना वायरस से कपास की कीमतों में 5 फीसदी से ज्यादा की गिरावट, किसानों को नुकसान
कोरोना वायरस से कपास की कीमतों में 5 फीसदी से ज्यादा की गिरावट, किसानों को नुकसान
कोरोना वायरस से कपास की कीमतों में 5 फीसदी से ज्यादा की गिरावट, किसानों को नुकसान

कोरोना वायरस से कपास की कीमतों में 5 फीसदी से ज्यादा की गिरावट, किसानों को नुकसान

चीन में कहर बरपाने वाले कोरोना वायरस का असर घरेलू बाजार में कपास की कीमतों पर पड़ रहा है। चीन की आयात मांग कम होने के कारण विश्व बाजार में महीने भर में कपास की कीमतों में 5.38 फीसदी का मंदा आ चुका है, जिससे घरेलू मंडियों में इसकी कीमतों में 200 से 300 रुपये का मंदा आकर भाव 5,000 से 5,100 रुपये प्रति क्विंटल रह गए, ऐसे में पहले ही समर्थन मूल्य से नीचे कपास बेच रहे किसानों की मुश्किल और बढ़ गई है।

अहमदाबाद के कपास निर्यातक नरेश राठी ने बताया कि चीन में कोरोना वायरस के कारण चीन की आयात मांग कम हुई है, जिसका असर घरेलू बाजार में कपास की कीमतों पर पड़ रहा है। न्यूयार्क कॉटन के मार्च महीने के वायदा में कपास के भाव 20 जनवरी को 71.25 सेंट प्रति पाउंड थे जोकि 14 फरवरी को घटकर 67.41 सेंट प्रति पाउंड रह गए। उन्होंने बताया कि चीन ने अमेरिका के साथ ही भारत से कुछ आयात सौदों को रद्द भी किया है। अहमदाबाद में शंकर-6 किस्म की कपास का भाव घटकर 39,500 रुपये प्रति कैंडी (एक कैंडी-356 किलो) रह गया, जबकि जनवरी महीने के अंत में इसका भाव 40,800 रुपये प्रति कैंडी था।

किसान समर्थन मूल्य से नीचे दाम पर बेच रहे हैं कपास

पंजाब की अबोहर मंडी के कपास कारोबारी संजीव गुप्ता ने बताया कि मंडी में कपास के भाव 5,000 से 5,100 रुपये प्रति क्विंटल रह गए, जबकि जनवरी के अंत में इसके भाव 5,200 से 5,300 रुपये प्रति क्विंटल थे। उन्होंने बताया कि उत्तर भारत के राज्यों पंजाब, हरियाणा और राजस्थान की मंडियों में कपास की दैनिक आवक पहले की तुलना में कम हुई है, लेकिन ग्राहकी कमजोर होने से भाव में भी नरमी आई है। केंद्र सरकार ने खरीफ विपणन सीजन 2019-20 के लिए मीडियम स्टेपल कपास का समर्थन मूल्य 5,250 रुपये और लॉन्ग स्टेपल 5,550 रुपये प्रति क्विंटल तय किया हुआ है।

सीसीआई 62 लाख गांठ कपास की कर चुकी है समर्थन मूल्य पर खरीद

कॉटन कारपोरेशन ऑफ इंडिया (सीसीआई) के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार निगम अक्टूबर 2019 से शुरू हुए चालू फसल सीजन में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर 62 लाख गांठ कपास (एक गांठ-170 किलो) की खरीद कर चुका है। उन्होंने बताया कि चालू सीजन में कुल खरीद करीब 100 लाख गांठ होने का अनुमान है। निगम ने फसल सीजन 2018-19 में 10.7 लाख गांठ कपास की खरीद की थी, जिसमें से करीब 9 लाख गांठ की बिक्री की जा चुकी है।

कपास का उत्पादन अनुमान ज्यादा

कॉटन एसोसिएशन आफ इंडिया (सीएआई) के अनुसार चालू फसल सीजन में कपास का उत्पादन बढ़कर 354.50 लाख गांठ होने का अनुमान है जबकि पिछले साल केवल 312 लाख गांठ कपास का उत्पादन हुआ था। चालू फसल सीजन में 31 जनवरी तक उत्पादक मंडियों में कपास की दैनिक आवक 192.89 लाख गांठ की हो चुकी है। कॉटन एडवाइजरी बोर्ड (सीएबी) ने फसल सीजन 2019-20 में देश में कपास का उत्पादन 360 लाख गांठ होने का अनुमान जारी किया है जबकि कृषि मंत्रालय के आरंभिक अनुमान के अनुसार कपास का उत्पादन 322.67 लाख गांठ होने का अनुमान है।