Home एग्रीकल्चर न्यूज खरीफ की अच्छी बुवाई की उम्मीद में घटने लगीं जिंसों की कीमतें
खरीफ की अच्छी बुवाई की उम्मीद में घटने लगीं जिंसों की कीमतें
खरीफ की अच्छी बुवाई की उम्मीद में घटने लगीं जिंसों की कीमतें

खरीफ की अच्छी बुवाई की उम्मीद में घटने लगीं जिंसों की कीमतें

मानसून भले ही एक सप्ताह की देरी से केरल पहुंचा है लेकिन मौजूदा सीजन में बारिश सामान्य रहने की भविष्यवाणी से खरीफ फसलों के लिए बेहतर संभावनाओं को देखते हुए कई कृषि जिंसा की मांग कमजोर पड़ने लगी है। इसके कारण सोयाबीन, अरंडी, धनिया, जीरा, हल्दी और कॉटन जैसी कई कृषि जिंसों की कीमतों में गिरावट आने लगी है।

सामान्य मानसून से फसलों को फायदा

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आइएमडी) ने इस साल 96 फीसदी मानसूनी बारिश होने की भविष्यवाणी की है जो सामान्य मानी जाती है। बारिश सामान्य रहने से ही खरीफ फसलों को लेकर उम्मीद बढ़ी है। हालांकि कई जानकारों का कहना है कि अगर अल-नीनो का असर बढ़ता है तो मानसूनी बारिश प्रभावित हो सकती है। जिससे जिंसों की कीमतों में उथल-पुथल बढ़ सकती है।

जून के आखिर तक बारिश में तेजी आएगी

मानसून देरी से आने के कारण केरल में जून के पहले सप्ताह के दौरान बारिश सामान्य से 45 फीसदी कम रही है लेकिन आठ जून को मानसून आने के बाद प्रगति ठीक दिखाई दे रही है। मानसून आगे बढ़ रहा है। दो दिनों में मानसून पूर्वोत्तर तक पहुंच जाएगा। कमोडिटी विश्लेषकों का कहना है कि जून के आखिर और जुलाई में मानसून तेजी से पूरे देश में फैल जाएगा। जिससे हर जगह बारिश होने लगेगी।

खरीफ फसलों की बुवाई तेज होगी

बारिश तेज होने पर चना, सोयाबीन, कॉटन, जीरा, हल्दी और ग्वार सीड की कीमतों में तेज गिरावट आने लगेगी। उम्मीद की जा रही है कि बारिश अच्छी होगी तो खरीफ फसलों की बुवाई में तेजी आएगी। रकबा बढ़ने पर ज्यादा पैदावार की उम्मीद में कीमतों पर दबाव बनने लगेगा।

सोयाबीन सहित तेल-तिलहन वायदा में गिरावट

अनुमान से अनुसार वायदा बाजारों में गिरावट आने भी लगी है। हाजिर बाजारों में गिरावट को देखते हुए कारोबारियों ने सोयाबीन वायदा की लिवाली घटा दी। कारोबारियों के अनुसार मांग कमजोर रहने से हाजिर बाजार में इसकी कीमत पर दबाव बना है। नेशनल कमोडिटी एंड डेरिवेटिव्स एक्सचेंज (एनसीडीईएक्स) में सोयाबीन जुलाई वायदा 7 रुपये घटकर 3661 रुपये प्रति क्विंटल रह गया। सोयाबीन अगस्त वायदा भी 7 रुपये घटकर 3690 रुपये प्रति क्विंटल रह गया। सोयाबीन रिफाइंड तेल वायदा में भी नरमी का रुख रहा। एनसीडीईएक्स में रिफाइंड सोया तेल जुलाई वायदा 1.8 रुपये घटकर 729 रुपये प्रति दस किलो रह गया। अगस्त वायदा में तीन रुपये की गिरावट दर्ज की गई। सोयाबीन और सोया तेल में ही नहीं बल्कि पूरे तेल-तिलहन वर्ग में गिरावट दिखाई दी। एनसीडीईएक्स में सरसों जून वायदा 17 रुपये गिरकर 3912 रुपये प्रति क्विंटल रह गया। सरसों वायदा में भी हाजिर बाजार के सुस्त संकेतों से गिरावट आई। कारोबारियों का कहना है कि सोयाबीन वायदा में पिछले एक सप्ताह में करीब डेढ़ फीसदी की गिरावट आ चुकी है। तिलहन वर्ग के अरंडी वायदा में पिछले एक सप्ताह में करीब छह फीसदी की गिरावट आ चुकी है।