Home एग्रीकल्चर न्यूज छठे दौर की बातचीत खत्म, किसानों के साथ केंद्रीय मंत्रियों ने खाया 'लंगर' का भोजन
छठे दौर की बातचीत खत्म, किसानों के साथ केंद्रीय मंत्रियों ने खाया 'लंगर' का भोजन
छठे दौर की बातचीत खत्म, किसानों के साथ केंद्रीय मंत्रियों ने खाया 'लंगर' का भोजन

छठे दौर की बातचीत खत्म, किसानों के साथ केंद्रीय मंत्रियों ने खाया 'लंगर' का भोजन

नए कृषि कानूनों को लेकर जारी गतिरोध को खत्म करने के लिए किसानों और केंद्र के बीच छठे दौर की बातचीत खत्म हो गई है। इस दौरान मिले ब्रेक में तीन केंद्रीय मंत्रियों ने किसानों द्वारा व्यवस्थित किए गए ‘लंगर’ में खाना खाया। करीब दो घंटे की बातचीत के बाद चाय नाश्ते के लिए ब्रेक लिया गया। जिसमें ‘लंगर’ की व्यवस्था की गई थी।

मीटिंग स्थल पर मौजूद सूत्रों ने बताया है कि कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, खाद्य और रेल मंत्री पीयूष गोयल और वाणिज्य राज्य मंत्री सोम प्रकाश ने ब्रेक के दौरान किसान नेताओं के साथ  लंगर भोजन साझा किया। किसान नेताओं ने कहा है कि वार्ता जारी है और ये वार्ता "एजेंडा" के मुताबिक हो रही है। 

बैठक की शुरुआत से पहले, कुछ यूनियन नेताओं ने कहा था कि देश के कुछ हिस्सों में किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य से नीचे धान सहित फसल बेचने के लिए मजबूर किया जा रहा है क्योंकि बाजार की दरें गिर गई हैं और जोर दिया है कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर सहमत नहीं होती है।

ये छठे दौर की वार्ता है। इससे पहले पांच दौर की वार्ता हो चुकी है जबकि एक दौर की वार्ता केंद्रीय गृह मत्री अमित शाह के साथ आठ दिंसबर भारत बंद के दिन हुई थी। हालांकि, ये सारी बैठके बेनतीजा रही और कोई समाधान नहीं निकला। केंद्र नए कृषि कानूनों में संशोधन की बात कह रही है जबकि किसानों की मांग है कि इन्हें वापस लिया जाए और संगठन इन मांगों पर अड़े हुए हैं।

वहीं, कॉर्पोरेट सेक्टर के खिलाफ किसानों का गुस्सा सातवं आसमान पर है। पंजाब में सैकड़ों रिलायंस के टावरों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया है। किसानों को डर है कि इन कृषि कानूनों के लागू होने से कॉर्पोरेट सेक्टर इनकी जमीन हथिया लेंगे और लागत दरों से भी कम कीमतों पर अनाज बेचने को विवश होना पड़ेगा। जबकि केंद्र का दावा है कि इससे किसानों को फायदा होगा और ये नए दौर की मांग है।