Home एग्रीकल्चर इंटरनेशनल मिलों ने किए 28 लाख टन चीनी निर्यात के सौदे, घरेलू बाजार में कीमतों में आया सुधार
मिलों ने किए 28 लाख टन चीनी निर्यात के सौदे, घरेलू बाजार में कीमतों में आया सुधार
मिलों ने किए 28 लाख टन चीनी निर्यात के सौदे, घरेलू बाजार में कीमतों में आया सुधार

मिलों ने किए 28 लाख टन चीनी निर्यात के सौदे, घरेलू बाजार में कीमतों में आया सुधार

अंतर्राष्ट्रीय बाजार में चीनी के दाम में आई तेजी से घरेलू चीनी मिलों को फायदा मिला है, क्योंकि देश से चीनी की निर्यात मांग बढ़ी है और अब तक 28 लाख टन चीनी निर्यात के सौदे हो चुके हैं। चीनी की निर्यात मांग बढ़ने से घरेलू बाजार में भी चीनी की कीमतों में सुधार आया है।

घरेलू मंडियों में जनवरी में चीनी की कीमतों में करीब 100 रुपये प्रति क्विंटल की तेजी आ चुकी है। नेशनल फेडरेशन ऑप को-ऑपरेटिव शुगर फैक्टरीज (एनएफसीएसएफ) के अनुमान के अनुसार चालू पेराई सीजन 2019-20 में चीनी का निर्यात तय लक्ष्य 60 लाख टन का पूरा हो जाएगा। एनएफसीएसएफ के प्रबंध निदेशक प्रकाश नाइकनवरे का कहना है कि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में चीनी की कीमतों में तेजी आने से निर्यात मांग बढ़ी है, जिसे देखते हुए लगता है कि इस साल सरकार द्वारा तय किया गया चीनी का कोटा पूरा हो जायेगा।

केंद्र ने 60 लाख टन चीनी का निर्यात कोटा कर रखा है तय

केंद्र सरकार ने पहली अक्टूबर 2019 से शुरू हुए चालू पेराई सीजन 2019-20 में अधिकतम स्वीकार्य निर्यात कोटा (एमएईक्यू) के तहत घरेलू चीनी मिलों के लिए 60 लाख टन चीनी निर्यात का कोटा तय किया है। पिछले पेराई सीजन 2018-19 में सरकार ने एमआईईक्यू के तहत 50 लाख टन चीनी निर्यात का कोटा निर्धारित किया था, जिसमें से केवल 38 लाख टन चीनी का ही निर्यात हुआ था।

विश्व बाजार में रॉ-शुगर की कीमतें 18 फीसदी तक बढ़ी

नाइकनवरे ने कहा कि एक अक्टूबर से शुरू हुए चालू पेराई सीजन यानी चीनी उत्पादन व विपणन वर्ष 2019-20 (अक्टूबर से सितंबर) के अभी चार महीने भी पूरे नहीं हुए हैं, लेकिन 28 लाख टन चीनी निर्यात के सौदे हो चुके हैं और वैश्विक स्तर पर चीनी की आपूर्ति मांग के मुकाबले कम होने से आगे कीमतों में तेजी बनी रहेगी, जिससे घरेलू मिलों को चीनी निर्यात से फायदा मिलेगा। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में रॉ-शुगर की कीमतें करीब तीन महीनों में 18 फीसदी तक बढ़ चुकी हैं। इस दौरान व्हाईट चीनी की कीमतों में करीब नौ फीसदी से ज्यादा की तेजी आई है, जिससे चीनी मिलों को निर्यात पड़ते लग रहे हैं। केंद्र सरकार चीनी के निर्यात पर मिलों को 10.44 रुपये प्रति किलो की दर से प्रोत्साहन राशि भी दे रही है।  

घरेलू बाजार में चीनी के भाव में आया सुधार

यूएस शुगर-11 का भाव सोमवार को 14 सेंट प्रति पाउंड से ऊपर था और लंदन शुगर का भाव भी बीते सत्र में 376.80 डॉलर प्रति टन पर बंद हुआ था। नाइकनवरे ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में चीनी के मौजूदा भाव के अनुसार, भारत में चीनी मिलों को व्हाईट चीनी का एक्स मिल भाव तकरीबन 2,300 रुपये प्रति क्विंटल, जबकि रॉ-शुगर का भाव करीब 2,100 रुपये प्रति क्विंटल मिल रहा है। दिल्ली के चीनी कारोबारी सुशील कुमार ने बताया कि उत्तर प्रदेश में पुरानी चीनी का एक्स फैक्ट्री भाव इस समय 3,280-3,300 रुपये प्रति क्विंटल है, जबकि नई चीनी का एक्स फैक्ट्री भाव 3,250-3,290 रुपये प्रति क्विंटल है। उन्होंने बताया कि इस महीने चीनी के दाम में करीब 80-100 रुपये प्रति क्विंटल की तेजी आई है।

सरकार ने चीनी मिलों से 31 दिसंबर तक किए गए निर्यात का ब्यौरा मांगा

उन्होंने बताया कि सरकार ने 31 दिसंबर तक चीनी मिलों से चीनी निर्यात का ब्यौरा मांगा है। सरकार ने 530 चीनी मिलों के लिए 60 लाख टन चीनी निर्यात का कोटा तय किया हुआ है। इनमें से कुछ मिलों ने अभी तक निर्यात किया ही नहीं है। उन्होंने बताया कि इस साल 30 सितंबर तक 60 लाख टन चीनी का निर्यात होने के बाद क्लोजिंग स्टॉक 100 लाख टन से नीचे आ जाएगा। एनएफसीएसएफ के अनुमान के अनुसार, चालू सीजन में चीनी का उत्पादन 263 लाख टन होने का है, जबकि पिछले साल का बकाया स्टॉक 145 लाख टन है। इस प्रकार कुल उपलब्धता 408 लाख टन है। इसमें से 60 लाख टन निर्यात और करीब 260 लाख टन घरेलू खपत निकालने के बाद बकाया स्टॉक 88 लाख टन बचेगा। इसमें से 40 लाख टन का बफर स्टॉक रहेगा।

एजेंसी इनपुट