Home एग्रीकल्चर इंटरनेशनल एमएमटीसी ने दो हजार टन प्याज आयात के लिए मांगी निविदा
एमएमटीसी ने दो हजार टन प्याज आयात के लिए मांगी निविदा
एमएमटीसी ने दो हजार टन प्याज आयात के लिए मांगी निविदा

एमएमटीसी ने दो हजार टन प्याज आयात के लिए मांगी निविदा

घरेलू बाजार में प्याज की आपूर्ति बढ़ाने के लिए सार्वजनिक कंपनी एमएमटीसी ने दो हजार प्याज आयात के लिए निविदा मांगी है। निविदा के अनुसार प्याज का आयात पाकिस्तान, मिस्र, चीन और अफगानिस्तान आदि से किया जायेगा।

प्याज की उपलब्धता की कमी की वजह से देश के अधिकांश हिस्सों में प्याज की खुदरा कीमत 50 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंचने के बाद सरकार ने इसके आयात का फैसला किया है। एमएमटीसी के अनुसार, पाकिस्तान, मिस्र, चीन, अफगानिस्तान या किसी अन्य स्थान से 2,000 टन प्याज आयात के लिए बोलियां आमंत्रित की गई हैं। बोलियां 24 सितंबर से पहले जमा करानी होगी और यह 10 अक्टूबर तक वैध होगी।

प्याज का उत्पादन अनुमान ज्यादा

प्याज का उत्पादन बढ़ने के साथ ही केंद्रीय पूल में 50 हजार का स्टॉक होने के बाद भी प्याज की कीमतों में लगातार तेजी बनी हुई है। अत: प्याज की तेजी को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने आयात का फैसला किया है। कृषि मंत्रालय के तीसरे आरंभिक अनुमान के अनुसार फसल सीजन 2018-19 में प्याज का उत्पादन उत्पादन 0.95 फीसदी बढ़कर 232.8 लाख टन होने का अनुमान है जबकि पिछले साल प्याज का उत्पादन 232.6 लाख टन हुआ था।

नवंबर के अंतिम सप्ताह तक ही होगा प्याज का आयात

प्याज की खेप नवंबर के अंतिम सप्ताह तक बंदरगाह पर पहुंच जानी चाहिए। बोलीदाताओं को विभिन्न स्थान के प्याज के लिए अलग-अलग बोली अमेरिकी डॉलर में लगानी होगी। यह बोली न्यूनतम 500 टन प्याज के लिए लगानी होगी। अंतर्देशीय कंटेनर डिपो के मामले में, न्यूनतम बोली की मात्रा 250 टन के लिए होगी। आवश्यकता के आधार पर वास्तविक आपूर्ति का आर्डर, 250 टन प्याज की मात्रा के लिए विनियमित किया जाएगा। 250 टन की इस मात्रा को, निविदा में प्राप्त कीमतों के आधार पर बढ़ाया या घटाया जा सकता है।

एमएमटीसी ने पिछले साल भी किया था आयात

एमएमटीसी ने पिछले साल भी प्याज की घरेलू आपूर्ति बढ़ाने और कीमतों को नियंत्रित करने के लिए प्याज का आयात किया था। केंद्रीय सहकारी एजेंसी, नाफेड तथा सरकारी उपक्रम मदर डेयरी भी रियायती दरों पर दिल्ली के बाजारों में प्याज की आपूर्ति बढ़ा रही है। महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे प्रमुख प्याज उत्पादक राज्यों में खरीफ (गर्मी) फसल की कमी के चलते प्याज की कीमतें बढ़ गई हैं। महाराष्ट्र की पीपलगांव मंडी में प्याज का भाव 600 से 2,880 रुपये और कोल्हापुर मंडी में 1,400 से 3,000 रुपये प्रति क्विंटल रहा। दिल्ली की आजादपुर मंडी में प्याज का थोक भाव 12 से 30 रुपये प्रति किलो चल रहा है।