Home एग्रीकल्चर इंटरनेशनल मीट निर्यातकों को महंगे डॉलर का भी नहीं मिल रहा फायदा, पहले पांच महीनों में निर्यात घटा
मीट निर्यातकों को महंगे डॉलर का भी नहीं मिल रहा फायदा, पहले पांच महीनों में निर्यात घटा
मीट निर्यातकों को महंगे डॉलर का भी नहीं मिल रहा फायदा, पहले पांच महीनों में निर्यात घटा

मीट निर्यातकों को महंगे डॉलर का भी नहीं मिल रहा फायदा, पहले पांच महीनों में निर्यात घटा

रुपये के मुकबाले डॉलर उच्चतम स्तर पर पहुंचा हुआ है, इसके बावजूद भी मीट निर्यातकों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है। चालू वित्त वर्ष 2018-19 के पहले पांच महीनों अप्रैल से अगस्त के दौरान मीट का निर्यात घटकर 4,99,186 टन का ही हुआ है जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में इसका निर्यात 5,03,496 टन का हुआ था।

एपीडा के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार पिछले पांच वर्ष के आंकड़े देखे तो मीट के निर्यात में मूल्य के साथ ही मात्रा में भी कमी आई है। वित्त वर्ष 2014-15 में भारत से 14,76,309.78 टन मीट का निर्यात हुआ था जोकि मूल्य के हिसाब से 29,289.16 करोड़ रुपये का था जबकि वित्त वर्ष 2017-18 में मात्रा के हिसाब से मीट का निर्यात 13,50,563.48 टन का ही हुआ है जोकि मूल्य के हिसाब से 26,033.83 करोड़ रुपये का है।

मीट निर्यातक फर्म अल मारजिया एग्रो फूड के प्रबंध निदेशक आबिद अली ने बताया कि घरेलू बाजार में मीट के दाम उंचे हैं, जबकि विश्व बाजार में कीमतें नीचे बनी हुई है। इसीलिए रुपये की तुलना में डॉलर महंगा होने के बावजूद भी निर्यात में मार्जिन नहीं हैं। उन्होंने बताया कि चीन को मीट के सह उत्पादों का निर्यात हो रहा है इसलिए कंपनियां निर्यात कर भी पा रही है। चीन अन्य देशों जैसे वियतनाम के रास्ते से भारत से मीट के सह उत्पादों का आयात कर रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले तीन-चार साल से काफी कम मार्जिन पर निर्यात हो रहा है, यही कारण है कि घरेलू बाजार में कई कंपनियां बंद होने के कगार पर हैं।

अल नफीस फ्रोजन फूड एक्सपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंधक एम एम कुरैशी ने बताया कि भारत के बाद ब्राजील सबसे बड़ा मीट निर्यातक देश है, तथा ब्राजील या फिर अन्य देशों में पशुओं के बड़े-बड़े फार्म है जबकि हमारे यहां ऐसा नहीं है। इसीलिए इन देशों का मीट विश्व बाजार में भारत की तुलना में सस्ता है जिस कारण हमारे यहां से पड़ते कम लग रहे हैं।

एपीडा के अनुसार वित्त वर्ष 2015-16 में 13,14,530.59 टन मीट का निर्यात हुआ जोकि मूल्य के हिसाब से 26,6988.08 करोड़ रुपये का था। इसी तरह से 2016-17 में 13,23,576.11 टन मीट का निर्यात हुआ जोकि मूल्य के हिसाब से 26,161.49 करोड़ रुपये का था।