Home एग्रीकल्चर इंटरनेशनल भारतीय मूल के मृदा वैज्ञानिक रतन लाल को 2020 का विश्व खाद्य पुरस्कार
भारतीय मूल के मृदा वैज्ञानिक रतन लाल को 2020 का विश्व खाद्य पुरस्कार
भारतीय मूल के मृदा वैज्ञानिक रतन लाल को 2020 का विश्व खाद्य पुरस्कार

भारतीय मूल के मृदा वैज्ञानिक रतन लाल को 2020 का विश्व खाद्य पुरस्कार

प्रख्यात भारतीय-अमेरिकी मृदा वैज्ञानिक रतन लाल को प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को कम करने वाले खाद्य उत्पादन को बढ़ाने हेतु मृदा-केंद्रित दृष्टिकोण विकसित करने के लिए, इस साल का विश्व खाद्य पुरस्कार दिए जाने की बृहस्पतिवार को घोषणा की गई। लाल को 2,50,000 अमेरिकी डॉलर का पुरस्कार मिलेगा।

अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोंपियो ने रतनलाल के मृदा विज्ञान के क्षेत्र में किए गए कायरें की जमकर तारीफ की और कहा कि इससे लाखों छोटे किसानों को अनाज उत्पादन बढ़ाने में मदद मिली है। रतनलाल की प्रशंसा में कहा गया कि उन्होंने चार महाद्वीपों में अपना योगदान दिया है।

यह सम्मान उनके पांच दशक से अधिक की साधना का फल

यह सम्मान अभिनव मृदा संरक्षण तकनीकों को प्रोत्साहित करने के उनके पांच दशक से अधिक की साधना का फल बताया जा रहा है। यह पुरस्कार अमेरिकी संस्था वर्ल्ड फूड प्राइज फाउंडेशन द्वारा 1987 से दिया जा रहा है। उनकी प्रशस्ति में कहा गया है कि उन्होंने चार महाद्वीपों में अपना योगदान किया है। उनकी तकनीकों से 50 करोड़ से अधिक छाटे किसानों को अपनी आजीविका में लाभ हुआ और दो अरब से अधिक लोगों को आहार और पोषण की पक्की व्यवस्था करने के प्रयासों में सुधार आया है। इन तकनीकों से प्राकृतिक उष्णकटिबंधीय पारिस्थिकीय तंत्र के लाखों करोड़ो हेक्टेयर भूमि को बचाता हैं।

यह दायित्व तब तक पूरा नहीं होता, जब तक पर्याप्त मात्रा में पौष्टिक भोजन उपलब्ध नहीं हो

लाल ने कहा कि 2020 के विश्व खाद्य पुरस्कार प्राप्त करने की असीम खुशी और उत्साह है। मुझे दुनिया भर के किसानों के लिए काम करने का विशेष अवसर व सम्मान मिला। इसके लिए मैं कृतज्ञ हूं। उन्होंने कहा कि फिर भी, मानवता को खिलाने का गंभीर दायित्व तब तक पूरा नहीं होता है जब तक कि प्रत्येक व्यक्ति को स्वस्थ धरती पर और स्वच्छ वातावरण में पर्याप्त मात्रा में पौष्टिक भोजन उपलब्ध नहीं हो। लाल ओहियो स्टेट यूनिवर्सिटी (ओएसयू) में कार्बन प्रबंधन और सिक्वेस्ट्रेशन सेन्टर के संस्थापक निदेशक हैं।