Home एग्रीकल्चर इंटरनेशनल फरवरी में खाद्य एवं अखाद्य तेलों का आयात 10 फीसदी से ज्यादा घटा
फरवरी में खाद्य एवं अखाद्य तेलों का आयात 10 फीसदी से ज्यादा घटा
फरवरी में खाद्य एवं अखाद्य तेलों का आयात 10 फीसदी से ज्यादा घटा

फरवरी में खाद्य एवं अखाद्य तेलों का आयात 10 फीसदी से ज्यादा घटा

खाद्य तेलों के साथ ही अखाद्य तेलों के आयात में फरवरी में 10.5 फीसदी की कमी आकर कुल आयात 11,12,478 टन का ही हुआ है जबकि पिछले साल फरवरी में इनका आयात 12,42,533 टन का हुआ था। चालू तेल वर्ष (नवंबर-19 से अक्टूबर-20) के पहले चार महीनों नवंबर से फरवरी में वनस्पति तेलों के आयात में 6.1 फीसदी की कमी आई है।

सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एसईए) के अनुसार चालू तेल वर्ष के पहले चार महीनों में खाद्य एवं अखाद्य तेलों का आयात 45,63,791 टन का ही हुआ है जबकि पिछले तेल वर्ष की समान अवधि में इनका आयात 48,62,849 टन का हुआ था। केंद्र सरकार ने 8 जनवरी 2020 को आरबीडी पॉमोलीन तेल को प्रतिबंधित श्रेणी में शामिल किया था, जिस कारण इसके आयात में कमी दर्ज की गई।

पहले चार महीनों में 44.50 लाख टन हुआ खाद्य तेलों का आयात

एसईए के अनुसार चालू तेल वर्ष के पहले चार महीनों में खाद्य तेलों का आयात 44.50 लाख टन का हुआ है जबकि पिछले तेल वर्ष की समान अवधि में इनका आयात 46.11 लाख टन का हुआ था। अखाद्य तेलों का आयात चालू तेल वर्ष के नवंबर से फरवरी के दौरान 1.13 लाख टन का हुआ है जबकि पिछले तेल वर्ष की समान अवधि में 2.15 लाख टन अखाद्य तेलों का आयात हुआ था। उद्योग के अनुसार तेल वर्ष 2018-19 में खाद्य एवं अखाद्य तेलों का आयात 149.13 लाख टन का हुआ था जोकि इसके पिछले तेल वर्ष के 145.16 लाख टन से ज्यादा था। तेल वर्ष 2016-17 में देश में रिकार्ड 150.77 लाख टन खाद्य एवं अखाद्य तेलों का आयात हुआ था।

जनवरी के मुकाबले फरवरी में कीमतों में गिरावट दर्ज की गई

विश्व बाजार में कीमतों में आई गिरावट से घरेलू बाजार में आयातित खाद्य तेलों की कीमतों में जनवरी के मुकाबले फरवरी में गिरावट आई। भारतीय बंदरगाह पर फरवरी में आरबीडी पामोलीन का भाव घटकर 703 डॉलर प्रति टन रह गया, जबकि जनवरी में इसका भाव 748 डॉलर प्रति टन था। इसी तरह से क्रुड पाम तेल का भाव फरवरी में घटकर भारतीय बंदरगाह पर 708 डॉलर प्रति टन गया जोकि जनवरी में 762 डॉलर प्रति टन था। क्रुड सोयाबीन तेल का भाव इस दौरान 828 डॉलर प्रति टन से घटकर 795 डॉलर प्रति टन रह गया।