Home » एग्रीकल्चर » इंटरनेशनल » डॉलर की मजबूती से आयातित खाद्य तेल होंगे महंगे, अप्रैल में 3 फीसदी बढ़ा आयात

डॉलर की मजबूती से आयातित खाद्य तेल होंगे महंगे, अप्रैल में 3 फीसदी बढ़ा आयात

MAY 16 , 2018

रुपये के मुकाबले डॉलर की मजबूती से आयातित खाद्य तेलों की कीमतों में तेजी आने का अनुमान है। बुधवार को एक डॉलर की कीमत 67.90 रुपये रही। अप्रैल में खाद्य तेलों के साथ ही अखाद्य तेलों का आयात 3.5 फीसदी बढ़कर 13,86,466 टन का हुआ जबकि पिछले साल अप्रैल महीने में इनका आयात 13,39,489 टन का ही हुआ था।

साल्वेंट एक्सट्रेक्टर्स एसोसिएशन आॅफ इंडिया (एसईए) के कार्यकारी निदेशक डॉ. बी वी मेहता ने बताया कि रुपये की तुलना में डॉलर मजबूत होने से आयातित खाद्य तेलों के भाव बढ़ेंगे, जिसका असर घरेलू बाजार में भी खाद्य तेलों की कीमतों पर पड़ेगा। उन्होंने बताया कि आमतौर पर गर्मियों के कारण मई-जून में खाद्य तेलों में मांग कम रहती है, इसके बावजूद भी घरेलू बाजार में खाद्य तेलों के भाव में सुधार ही आने का अनुमान है।

एसईए के अनुसार चालू तेल वर्ष नवंबर-17 से अक्टूबर-18 के पहले छह महीनों नवंबर से अप्रैल के दौरान खाद्य एवं अखाद्य तेलों का आयात 2.5 फीसदी बढ़ा है। इस दौरान इनका आयात बढ़कर 73,18,295 टन का हो चुका है जबकि पिछले तेल वर्ष की समान अवधि में इनका आयात केवल 71,38,265 टन का ही हुआ था। चालू तेल वर्ष के पहले छह महीनों में जहां खाद्य तेलों का आयात 71,46,751 टन का हुआ है, वहीं अखाद्य तेलों का आयात 1,71,544 टन का हुआ है।

भारतीय बंदरगाह पर आयातित आरबीडी पॉमोलीन का भाव अप्रैल में औसतन 673 डॉलर प्रति टन रहा जबकि मार्च में इसका भाव 678 डॉलर प्रति टन था। इसी तरह से क्रुड पॉम तेल का भाव अप्रैल में 664 डॉलर प्रति टन रहा जबकि मार्च में इसका भाव 671 डॉलर प्रति टन था।


अब आप हिंदी आउटलुक अपने मोबाइल पर भी पढ़ सकते हैं। डाउनलोड करें आउटलुक हिंदी एप गूगल प्ले स्टोर या
एपल स्टोर से

Copyright © 2016 by Outlook Hindi.