Home एग्रीकल्चर इंटरनेशनल मसूर पर आयात शुल्क 20 फीसदी घटा, मोजांबिक से दो लाख टन दलहन आयात को मंजूरी
मसूर पर आयात शुल्क 20 फीसदी घटा, मोजांबिक से दो लाख टन दलहन आयात को मंजूरी
मसूर पर आयात शुल्क 20 फीसदी घटा, मोजांबिक से दो लाख टन दलहन आयात को मंजूरी

मसूर पर आयात शुल्क 20 फीसदी घटा, मोजांबिक से दो लाख टन दलहन आयात को मंजूरी

घरेलू बाजार में अरहर, चना, मसूर और मूंग के भाव न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से नीचे या फिर इसके बराबर चल रहे हैं। इसके बावजूद केंद्र सरकार ने मसूर के आयात शुल्क में 20 फीसदी कटौती कर दी है। साथ ही मोजांबिक से डेढ़ लाख टन अरहर और 50 हजार टन मूंग और मटर के आयात को मंजूरी दे दी है। इससे घरेलू बाजार में मसूर और अरहर की मौजूदा कीमतें और घटने के आसार बन गए हैं।

वित्त मंत्रालय द्वारा जारी नोटिफिकेशन के अनुसार गैर अमेरिकी मसूर के आयात पर शुल्क 30 फीसदी से घटाकर 10 फीसदी कर दिया गया है। अमेरिकी मसूर पर भी आयात शुल्क घटाकर 30 फीसदी किया गया है। विदेशी व्यापार महानिदेशालय द्वारा पहली जून 2020 को जारी अधिसूचना के अनुसार मोजांबिक से दो लाख टन दालों का आयात दोनों देशों की सरकारों के बीच हुए समझौते के तहत होगा।

आयात शुल्क में कटौती से मसूर की कीमतों में मंदा आने का अनुमान

मुंबई के एक दलहन कारोबारी ने बताया कि मसूर का आयात कनाडा और आस्ट्रेलिया से ही हो रहा है। कनाडा की मसूर के भाव कांडला बंदरगाह पर 5,400 रुपये और आस्ट्रेलिया की मसूर के भाव 5,500 रुपये प्रति क्विंटल हैं, जबकि मध्य प्रदेश की मंडियों में छोटी मसूर के भाव 4,900 से 5,000 रुपये और उत्तर प्रदेश की मंडियों में 4,800 से 5,000 रुपये प्रति क्विंटल हैं। केंद्र सरकार ने रबी विपणन सीजन 2020-21 के लिए मसूर का एमएसपी 4,800 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है।

वित्त वर्ष 2019-20 में 6.50 लाख टन मसूर का आयात हुआ था, जबकि चालू वित्त वर्ष 2020-21 के पहले महीने अप्रैल में 40,000 टन का आयात हुआ है। लॉकडाउन के कारण अप्रैल में आयात कम रहा। उन्होंने बताया कि सरकार ने आयात शुल्क में कटौती कर दी है तथा कनाडा में मसूर की नई फसल जुलाई के अंत में आएगी, ऐसे में आगे मसूर का आयात बढ़ने से घरेलू बाजार में इसकी कीमतों में मंदा आने की आशंका है।

म्यांमार से अरहर का आयात सस्ता

कर्नाटक की गुलबर्गा मंडी के दलहन कारोबारी चंद्रशेखर एस नादर ने बताया कि मोजांबिक से डेढ़ लाख टन अरहर और 50 हजार टन मूंग और मटर के आयात को जो मंजूरी दी गई है, वह चार लाख टन अरहर आयात, जिसे सरकार ने पहले मंजूरी दी थी, उससे अगल है। अत: चालू वित्त वर्ष में कुल 5.50 लाख टन अरहर का आयात होगा। म्यांमार से आयातित अरहर के भाव मुंबई बंदरगाह पर 4,800 से 4,900 रुपये प्रति क्विंटल हैं जबकि महाराष्ट्र की मंडियों में अरहर 4,800 से 5,000 रुपये प्रति क्विंटल बिक रही है। खरीफ विपणन सीजन 2019-20 के लिए अरहर का एमएसपी 5,800 रुपये प्रति क्विंटल है, जबकि हाल में आगामी खरीफ सीजन 2020-21 के लिए सरकार ने समर्थन मूल्य 6,000 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है।

चना और मूंग के भाव उत्पादक मंडियों में समर्थन मूल्य से नीचे

केंद्र सरकार ने चालू वित्त वर्ष 2020-21 के लिए चार लाख टन अरहर, डेढ़ लाख टन मूंग, डेढ़ लाख टन उड़द तथा डेढ़ लाख टन मटर को मिलाकर कुल 7 लाख टन दलहन आयात को मंजूरी दी थी। बाद में उड़द के आयात कोटे की मात्रा को डेढ़ लाख टन से बढ़ाकर चार लाख टन कर दिया था। चना पर आयात शुल्क इस समय 50 फीसदी है। उत्पादक मंडियों में चना के भाव 3,800 से 4,000 रुपये और मूंग के 5,900 से 6,000 रुपये प्रति क्विंटल हैं। चना का समर्थन मूल्य 4,875 रुपये और मूंग का 7,050 रुपये प्रति क्विंटल है। मंडियों में चना और मूंग समर्थन मूल्य से 1,000 से 1,275 रुपये प्रति क्विंटल तक नीचे बिक रही है। नेफेड ने एमएसपी पर अभी तक 11.13 लाख टन चना और 5.12 लाख टन अरहर की खरीद की है। मूंग और मसूर की खरीद भी समर्थन मूल्य पर हो रही है, लेकिन सीमित मात्रा में।

दलहन के उत्पादन अनुमान में बढ़ोतरी

कृषि मंत्रालय के तीसरे आरंभिक अनुमान के अनुसार चालू फसल सीजन 2019-20 में 230.1 लाख टन दालों का उत्पादन होने का अनुमान है, जो पिछले फसल सीजन में 220.8 लाख टन था। फसल सीजन 2017-18 में देश में दालों का रिकार्ड 254.2 लाख टन का उत्पादन हुआ था जबकि देश में दालों की सालाना खपत 245 से 250 लाख टन की ही होती है।