Home एग्रीकल्चर इंटरनेशनल केंद्र सरकार ने शर्तों के साथ कृष्णापुरम किस्म के प्याज के निर्यात की दी अनुमति
केंद्र सरकार ने शर्तों के साथ कृष्णापुरम किस्म के प्याज के निर्यात की दी अनुमति
केंद्र सरकार ने शर्तों के साथ कृष्णापुरम किस्म के प्याज के निर्यात की दी अनुमति

केंद्र सरकार ने शर्तों के साथ कृष्णापुरम किस्म के प्याज के निर्यात की दी अनुमति

केंद्र सरकार ने गुरूवार को शर्तों के साथ ही कृष्णापुरम प्याज, आंध्रप्रदेश की एक किस्म के 10 हजार टन के निर्यात की अनुमति दे दी जबकि अन्य किस्मों के प्याज के निर्यात पर प्रतिबंध जारी रहेगा।

विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार तत्काल प्रभाव से कृष्णापुरम किस्म के 10 हजार टन प्याज का निर्यात, 31 मार्च, 2020 तक करने की अनुमति दी गई है। इसका निर्यात केवल चेन्नई बंदरगाह के माध्यम से ही किया जायेगा। अधिसूचना के अनुसार निर्यातक को कृष्णापुरम प्याज का निर्यात करने के लिए आंध्रप्रदेश सरकार के बागवानी विभाग से निर्यात प्रमाण पत्र लेना होगा साथ ही निर्यातकों को चेन्नई में डीजीएफटी के जोनल कार्यालय में पंजीकृत किया जायेगा।

डीजीएफटी द्वारा जारी अधिसूचना में कहा गया है कि चेन्नई स्थित डीजीएफटी कार्यालय कुल निर्यात की मात्रा की निगरानी करेगा, तथा उसके आधार पर निर्यातकों को पंजीकरण प्रमाणपत्र जारी करेगा। कृष्णपुरम प्याज का उपयोग इसके आकार और तीखेपन के कारण रसोई घर में नहीं होता, इसका आयात थाईलैंड, हांगकांग, मलेशिया, श्रीलंका और सिंगापुर द्वारा किया जाता है।

कृष्णापुरम प्याज के निर्यात पर रोक का मुद्दा संसद में उठा था

कृष्णापुरम प्याज के निर्यात पर लगे प्रतिबंध के कारण किसानों को नुकसान हो रहा था, क्योंकि इसका उपयोग रसाईघर में नहीं होने के कारण इसकी बिक्री घरेलू बाजार में भी नहीं कर पा रहे थे। इसके निर्यात पर लगी रोक को हटाने के लिए वाईएसआरसीपी के सदस्यों ने संसद में यह मुद्दा उठाया था, तथा सरकार से इस तरह के प्याज पर लगे प्रतिबंध को जल्द हटाने की मांग की थी।

सितंबर 2019 में सरकार ने लगाई थी प्याज पर रोक

केंद्र सरकार ने घरेलू बाजार में प्याज की उपलब्धता बढ़ाने और इसकी बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण के लिए सितंबर 2019 में इसके निर्यात पर बैन लगाया था। साथ ही व्यापारियों के लिए प्याज की स्टॉक लिमिट भी तय की थी। इसके बावजूद भी प्याज की कीमतों में तेजी बनी रही। दिसंबर 2019 में घरेलू मंडियों में प्याज के थोक दाम 100 रुपये और खुदरा दाम 150 रुपये प्रति किलो से उपर हो गए थे। फसल सीजन 2019-20 के खरीफ और लेट खरी सीजन की प्याज की पैदावार में 25 फीसदी की कमी आने के कारण भाव में तेजी आई थी। प्रमुख उत्पादक राज्यों महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश भारी बारिश और बाढ़ से फसल को नुकसान हुआ था।

थोक मंडियों में प्याज की कीमतों में आई गिरावट

पहली दिसंबर 2019 को महाराष्ट्र की पीपलगांव मंडी में प्याज के थोक दाम उंचे में 113 रुपये और लासलगांव मेंं 84 रुपये प्रति किलो हो गई थी। गुरूवार को पीपलगांव मंडी में प्याज के दाम 5 से 18.80 रुपये प्रति किलो रहे जबकि दैनिक आवक 12,840 क्विंटल की हुई। लालसगांव मंडी में गुरूवार को प्याज के भाव 9 से 19.60 रुपये और पुणे मंडी में 8 से 18 रुपये प्रति किलो रहे। इन मंडियों में प्याज की दैनिक आवक क्रमश: 13,500 और 27,799 क्विंटल की हुई।