Home एग्रीकल्चर इंटरनेशनल पर्यावरण को लेकर विश्व को चेतावनी, अभी बदलो या भोजन और जलवायु को खतरे में डालो
पर्यावरण को लेकर विश्व को चेतावनी, अभी बदलो या भोजन और जलवायु को खतरे में डालो
पर्यावरण को लेकर विश्व को चेतावनी, अभी बदलो या भोजन और जलवायु को खतरे में डालो

पर्यावरण को लेकर विश्व को चेतावनी, अभी बदलो या भोजन और जलवायु को खतरे में डालो

संयुक्तराष्ट्र की जलवायु परिवर्तन संबंधी अंतर सरकारी समिति (आईपीसीसी) के एक जलवायु मूल्यांकन में कहा गया कि यदि उत्सर्जन और वनों की कटाई पर रोक नहीं लगायी गई तो मानवता कुछ दशकों में खाद्य सुरक्षा और बढ़ते तापमान के बीच अस्थिरता का सामना कर सकता है। आईपीसीसी ने चेतावनी दी है कि बढ़ती जनसंख्या का पेट भरने के लिए विश्वस्तर पर तापमान में कमी करने के प्रयास तेज नहीं किए गए तो ये प्रयास बेकार हो सकते हैं। साथ ही हमारे द्वारा जमीन के इस्तेमाल में भी पविर्तन लाने की जरुरत है। 

औद्योगिक उद्देश्यों के लिए होने वाली खेती और खाद्य उद्योग से पर्यावरण को उतना ही नुकसान हो रहा है जितना जीवाश्म ईंधन से तथा भूमि के इस्तेमाल की आदतों में बदलावों के बिना वर्ष 2030 तक उत्सर्जन 45 फीसदी घटाने का लक्ष्य हासिल नहीं हो सकेगा।

जलवायु परिवर्तन पर अंतर-सरकारी पैनल (आईपीसीसी) की “जलवायु परिवर्तन एवं भूमि” के बारे में गुरुवार को यहां जारी विशेष रिपोर्ट में यह बात कही गयी है। इस रिपोर्ट को बुधवार को पैनल की बैठक में स्वीकार किया गया था। दुनिया के 52 देशों के 107 वैज्ञानिकों ने मिलकर दो साल की मेहनत से इसे तैयार किया है तथा भूमि उपयोग और पर्यावरण पर उसके प्रभाव पर यह पहली विस्तृत रिपोर्ट है।

सभी देशों को ग्रीन हाउस गैसों और कार्बन उत्सर्जन पर तेजी से रोक लगानी होगी

रिपोर्ट में आगह किया गया है कि इस त्रासदी से बचना है तो विश्व के सभी देशों को ग्रीन हाउस गैसों और कार्बन उत्सर्जन पर तेजी से रोक लगानी होगी। भूमि उपयोग और जलवायु परिवर्तन पर इस रिपोर्ट ने भविष्य में वार्मिंग के खिलाफ शेष उष्णकटिबंधीय जंगलों को एक बल्कहेड के रूप में संरक्षित करने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। रिपोर्ट में जैव ईंधन योजनाओं पर जोरदार कदम उठाने की पेशकश की जो मानव जाति के पर्यावरणीय नुकसान की भरपाई कर सकती है। रिपोर्ट में आगाह किया कि ये मेगा-प्रोजेक्ट खाद्य सुरक्षा को खतरे में डाल सकते हैं।

आईपीसीसी जलवायु में बदलाव और ग्रीनहाउस गैसों पर नजर रखता है

आईपीसीसी या जलवायु परिवर्तन पर अंतर-सरकारी पैनल संयुक्त राष्ट्र का आधिकारिक पैनल है जो जलवायु में बदलाव और ग्रीनहाउस गैसों पर नजर रखता है। इसकी रिपोर्ट एक ऐसा वैज्ञानिक दस्तावेज होता है जिसके आधार पर दुनिया के देश यह तय करते हैं कि जलवायु परिवर्तन से निबटने के लिए कौन से कदम उठाए जाएं। इसका गठन 1988 में विश्व मौसम संगठन और संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम ने किया था।