Home एग्रीकल्चर इंटरनेशनल किसानों को ​मक्का का उचित दाम मिला तो सरकार ने की आयात की तैयारी
किसानों को ​मक्का का उचित दाम मिला तो सरकार ने की आयात की तैयारी
किसानों को ​मक्का का उचित दाम मिला तो सरकार ने की आयात की तैयारी

किसानों को ​मक्का का उचित दाम मिला तो सरकार ने की आयात की तैयारी

केंद्र सरकार किसानों की आय वर्ष 2022 तक दोगुनी करने की बात तो करती है, लेकिन जैसे ही मक्का किसानों को फसल का उचित दाम मिलने लगा तो, उद्योग के दबाव में आयात की तैयारी शुरू कर दी। सूत्रों के अनुसार केंद्र सरकार चार लाख टन मक्का के आयात को मंजूरी दे सकती है।

घरेलू बाजार में मार्च-अप्रैल में रबी मक्का की आवक शुरू होगी, ऐसे में केंद्र सरकार ने मक्का के आयात को मंजूरी दी तो, इसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ेगा। मक्का आयात की अनुमति से घरेलू बाजार में मक्का के दाम घट जायेंगे जिस कारण किसानों को उचित भाव नहीं मिल पायेगा। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार उद्योग की मांग को देखते हुए चार लाख टन मक्का आयात की मंजूरी का प्रस्ताव है।

यूक्रेन से 2015 में भी हुआ था आयात

यूएस ग्रेन काउंसिल के भारतीय प्रतिनिधि अमित सचदेव ने बताया कि अमेरिका की मक्का का भाव 216 डॉलर प्रति टन (सीएंडएफ) है जबकि यूक्रेन की मक्का का भाव 210 से 215 डॉलर प्रति टन (सीएंडएफ) है। अमेरिका और ब्राजील में जीएम मक्का है, अत: केवल यूक्रेन से ही आयात संभव है। उन्होंने बताया कि 2015 में केंद्र सरकार ने पांच लाख टन मक्का के आयात की अनुमति दी थी, लेकिन आयात हुआ था केवल 2.5 लाख टन।

किसानों को होगा घाटा

रबी सीजन में मक्का का सबसे ज्यादा उत्पादन बिहार में होता हैं। बिहार के गुलाबबाग के मक्का किसान पवन कुमार ने बताया कि मक्का के भाव में आए सुधार से इस बार उन्हें उचित भाव मिलने की उम्मीद बंधी है। ऐसे में अगर सरकार ने आयात की मंजूरी तो, तो भाव में मंदा आ जायेगा। दिल्ली के नया बाजार के मक्का कारोबारी राजेश गुप्ता ने बताया कि दिल्ली में मक्का के भाव 2,200 से 2,250 रुपये प्रति क्विंटल हैं तथा महीने भर में ही कीमतों में करीब 400 से 450 रुपये प्रति क्विंटल की तेजी आ चुकी है। मध्य प्रदेश की मंडियों में मक्का के भाव 2,000 से 2,050 रुपये प्रति क्विंटल चल रहे हैं।

खरीफ में उत्पादन अनुमान था ज्यादा

कृषि मंत्रालय ने पहले आरंभिक अनुमान में खरीफ सीजन 2018-19 में 214.7 लाख टन मक्का के उत्पादन का अनुमान जारी किया था जोकि इसके पिछले साल खरीफ सीजन के उत्पादन 202.4 लाख टन से ज्यादा है। खरीफ में मक्का का उत्पादन मुख्यत: महाराष्ट्र, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान में ज्यादा होता है।

रबी में मक्का की बुवाई घटी

चालू रबी सीजन में मक्का की बुवाई 9.78 फीसदी घटकर 14.88 लाख हेक्टेयर में ही हुई है जबकि पिछले साल इस समय तक 16.50 लाख हेक्टेयर में बुवाई हो चुकी थी। बिहार में चालू रबी में मक्का की बुवाई 4.58 लाख हेक्टेयर में ही हुई है जबकि पिछले साल इस समय तक 4.66 लाख हेक्टेयर में बुवाई हुई थी। अन्य राज्यों में तमिनाडु में 2.05 लाख हेक्टेयर में, महाराष्ट्र में 1.16 लाख हेक्टेयर में तथा आंध्रप्रदेश में 1.46 लाख हेक्टेयर में बुवाई हुई है।