Home एग्रीकल्चर इंटरनेशनल गैर-बासमती चावल का निर्यात 16.55 फीसदी घटा, बासमती का बढ़ा
गैर-बासमती चावल का निर्यात 16.55 फीसदी घटा, बासमती का बढ़ा
गैर-बासमती चावल का निर्यात 16.55 फीसदी घटा, बासमती का बढ़ा

गैर-बासमती चावल का निर्यात 16.55 फीसदी घटा, बासमती का बढ़ा

बंगलादेश के साथ ही अफ्रीकी देशों की आयात मांग में कमी आने से गैर-बासमती चावल के निर्यात में गिरावट आई है जबकि बासमती चावल का निर्यात बढ़ा है। वित्त वर्ष 2018-19 के पहले 11 महीनों अप्रैल से फरवरी के दौरान गैर-बासमती चावल के निर्यात में 16.55 फीसदी की गिरावट आकर कुल निर्यात 67.11 लाख टन का ही हुआ है जबकि बासमती चावल का निर्यात इस दौरान 6.25 फीसदी बढ़कर 38.55 लाख टन का हुआ है।

एपीडा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पिछले साल बंगलादेश के पास चावल का स्टॉक कम था, जिसकी वजह से गैर बासमती चावल का भारत से रिकार्ड निर्यात हुआ था, लेकिन चालू सीजन में बंगलादेश के पास स्टॉक ज्यादा होने के कारण बंगलादेश की आयात मांग कम रही। उन्होंने बताया कि पिछले वित्त वर्ष 2017-18 में अप्रैल से फरवरी के दौरान गैर-बासमती चावल का निर्यात 80.42 लाख टन का हुआ था, जबकि चालू वित्त वर्ष में इसका निर्यात 67.11 लाख टन का ही हुआ है। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2017-18 में गैर-बासमती चावल का कुल निर्यात 22,967.82 करोड़ रुपये का 86.48 लाख टन का हुआ था।

बासमती चावल का निर्यात बढ़ा

उन्होंने बताया कि बासमती चावल का निर्यात वित्त वर्ष 2018-19 के पहले 11 महीनों अप्रैल से फरवरी के दौरान बढ़कर 38.55 लाख टन का हुआ है जबकि पिछले वित्त वर्ष 2017-18 की समान अवधि में इसका निर्यात 36.28 लाख टन का ही हुआ था। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2018-19 में बासमती चावल का कुल निर्यात 26,870.17 करोड़ रुपये का 40.56 लाख टन का हुआ था।

ईरान, इराक और अमेरिका की आयात मांग बढ़ी

चावल की निर्यातक फर्म केआरबीएल लिमिटेड के चेयरमैन एंड मैनेजिंग डायरेक्टर अनिल कुमार मित्तल ने आउटलुक को बताया कि ईरान के साथ ही इराक और अमेरिका की आयात मांग बढ़ने से बासमती चावल का कुल निर्यात वित्त वर्ष 2018-19 में तीन से सवा तीन लाख टन ज्यादा होने का अनुमान है। उन्होंने बताया कि ईरान से इस समय सारा भुगतान भारतीय रुपये में हो रहा है तथा ईरान को पूसा 1,121 बासमती चावल सेला का निर्यात 82,000 से 84,000 रुपये प्रति टन की दर से हो रहा है। उन्होंने बताया कि साउदी अरब की आयात मांग बासमती चावल में जरुर चालू वित्त वर्ष में पांच से सात फीसदी कम हुई है।

बासमती धान और चावल के भाव तेज

चावल कारोबारी रामनिवाश खुरानिया ने बताया कि गेहूं का सीजन शुरू होने के कारण पंजाब और हरियाणा की मंडियों में बासमती धान की आवक बंद हो गई है। इस दिल्ली की नरेला मंडी में व्यापारियों के मालों की आवक हो रही है। नरेला मंडी में बासमती धान पूसा 1,121 का भाव 3,950 से 4,000 रुपये और पूसा 1,121 बासमती चावल सेला का भाव 7,150 से 7,200 रुपये प्रति क्विंटल हो गया। पिछले पंद्रह दिनों में इनकी कीमतों में करीब 3,00 से 4,00 रुपये प्रति क्विंटल की तेजी आ चुकी है।