Home एग्रीकल्चर इंटरनेशनल खाद्य तेलों के आयात शुल्क में 5 फीसदी की बढ़ोतरी कर सकती है केंद्र सरकार
खाद्य तेलों के आयात शुल्क में 5 फीसदी की बढ़ोतरी कर सकती है केंद्र सरकार
खाद्य तेलों के आयात शुल्क में 5 फीसदी की बढ़ोतरी कर सकती है केंद्र सरकार

खाद्य तेलों के आयात शुल्क में 5 फीसदी की बढ़ोतरी कर सकती है केंद्र सरकार

केंद्र सरकार खाद्य तेलों के आयात शुल्क में 5 फीसदी की बढ़ोतरी करने पर विचार कर रही है। सरकार खाने के तेलों के आयात पर निर्भरता कम करने के साथ ही तिलहन के घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देना चाहती है। खाद्य तेलों में अभी भी हमें अपनी जरुरत का 60 फीसदी से ज्यादा आयात करना पड़ता है।

वर्तमान में क्रूड पाम तेल के आयात पर 37.5 फीसदी और रिफाइंड तेलों के आयात पर 45 फीसदी आयात शुल्क है। क्रूड सोयाबीन तेल, क्रूड सूरजमुखी और सरसों के तेल पर आयात शुल्क 35 फीसदी है। कृषि मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार घरेलू तिलहनों का उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रौद्योगिकी विकास पर अनुसंधान निरंतर चल रहा है। सरकार ने अगले पांच साल में देश में तिलहनों का उत्पादन मौजूदा तकरीबन 300 लाख टन से बढ़ाकर 480 लाख टन तक करने का लक्ष्य रखा है। इस प्रकार पांच साल में तिलहनों का उत्पादन 180 लाख टन बढ़ाया जाएगा, जिसका खाका सरकार ने तैयार कर लिया है।

कोरोना वायरस के कारण हुए लॉकडाउन से मई में आयात में आई कमी

सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एसईए) ने घरेलू तिलहनों का उत्पादन बढ़ाने के लिए आयातित खाद्य तेलों के आयात पर शुल्क बढ़ाने के साथ ही राष्ट्रीय तिलहन मिशन लांच करने के लिए भी सरकार को पत्र लिखा है। कोरोना वायरस के कारण मई में देश में खाद्य एवं अखाद्य तेलों का आयात 40 फीसदी घटकर 7,07,478 टन का ही हुआ है जबकि पिछले साल मई में 11,80,789 टन का आयात हुआ था। एसईए के अनुसार चालू तेल वर्ष नवंबर-19 से मई-20 के सात महीनों में खाद्य एवं अखाद्य तेलों का आयात 18 फीसदी घटकर 68,89,662 टन का ही हुआ है जबकि पिछले तेल वर्ष की समान अवधि में इनका आयात 83,84,616 टन का हुआ था।

तेल वर्ष 2016-17 में रिकार्ड 150.77 लाख टन का हुआ था खाद्य एवं अखाद्य तलों का आयात

एसईए के अनुसार तेल वर्ष 2018-19 (अक्टूबर-18 से नवंबर-19) के दौरान खाद्य एवं अखाद्य तेलों का आयात बढ़कर 149.13 लाख टन का हुआ, जोकि इसके पिछले साल के 145.16 लाख टन से ज्यादा है। देश में तेल वर्ष 2016-17 में रिकार्ड 150.77 लाख टन खाद्य एवं अखाद्य तेलों का आयात हुआ था। कृषि मंत्रालय के तीसर आरंभिक अनुमान के अनुसार फसल सीजन 2019-20 में 335.01 लाख टन तिलहन का उत्पादन होने का अनुमान है जोकि इसके पिछले साल के 315.22 लाख टन से ज्यादा है। तिलहन की प्रमुख फसलों में सोयाबीन, मूंगफली और सरसों है।