Home एग्रीकल्चर इंटरनेशनल पहली तिमाही में केस्टर तेल का निर्यात 19 फीसदी घटा
पहली तिमाही में केस्टर तेल का निर्यात 19 फीसदी घटा
पहली तिमाही में केस्टर तेल का निर्यात 19 फीसदी घटा

पहली तिमाही में केस्टर तेल का निर्यात 19 फीसदी घटा

चालू वित्त वर्ष 2019-20 की पहली तिमाही अप्रैल से जून के दौरान केस्टर तेल के निर्यात में 19.18 फीसदी की गिरावट आकर कुल 1,39,336 टन का ही निर्यात हुआ है जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में इसका निर्यात 1,72,777 टन का हुआ था।

साल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन आफ इंडिया (एसईए) के अनुसार घरेलू बाजार में केस्टर सीड की कुल उपलब्धता कम होने के कारण भाव तेज हैं जिसकी वजह से मात्रा के हिसाब से तो केस्टर तेल के निर्यात में पहली तिमाही में कमी दर्ज की गई है लेकिन मूल्य के हिसाब से दौरान निर्यात बढ़ा है। चालू वित्त वर्ष 2019-20 के अप्रैल से जून के दौरान मूल्य के हिसाब से केस्टर तेल का निर्यात 1,581.57 करोड़ रुपये का हुआ है जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में इसका निर्यात 1,553.09 करोड़ रुपये का किया था।

केस्टर तेल का सबसे ज्यादा निर्यात होताा है चीन को

एसईए के अनुसार वित्त वर्ष 2018-19 में भारत से केस्टर तेल का कुल निर्यात 5.71 लाख टन का 5,561 करोड़ रुपये का हुआ था। केस्टर तेल निर्यातक कुशल राज पारिख ने बताया कि पिछले देश में केस्टर सीड का उत्पादन कम हुआ था, जिस कारण घरेलू बाजार में केस्टर सीड और तेल के दाम उंचे रहे। इसीलिए केस्टर तेल के निर्यात में भी कम आई है। उन्होंने बताया कि केस्टर तेल का भारत से सबसे निर्यात चीन को किया जाता है। वित्त वर्ष 2017-18 के दौरान हमारे यहां से 6.51 लाख टन केस्टर तेल का निर्यात हुआ था जोकि मूल्य के हिसाब से 6,245.24 करोड़ रुपये का था।

घरेलू मंडियों में भाव

गुजरात की मंडियों में केस्टर सीड के भाव 5,500 से 5,525 रुपये प्रति क्विंटल है। भारतीय बंदरगाह पर केस्टर तेल का भाव 1,615 डॉलर प्रति टन है जबकि केस्टर डीओसी के भाव कांडला बंदरगाह पर 107 डॉलर प्रति टन चल रहे। चालू वित्त वर्ष 2019-20 के पहले चार महीनों अप्रैल से जुलाई के दौरान केस्टर डीओसी का निर्यात 2,29,820 टन का हुआ है।

पिछले साल केस्टर सीड के उत्पादन में आई थी कमी

एसईए के अनुसार फसल सीजन 2018-19 में केस्टर सीड का उत्पादन घटकर केवल 11.27 लाख टन का ही हुआ था जोकि इसके पिछले साल के 14.33 लाख टन से कम था। कृषि मंत्रालय के अनुसार चालू सीजन में केस्टर सीड की बुआई घटकर 1.10 लाख हेक्टयेर में ही हो पाई है जबकि पिछले साल इस समय तक 1.50 लाख हेक्टेयर में बुआई हो चुकी थी। केस्टर सीड की बुआई खरीफ में सामान्यत: 9.66 लाख हेक्टेयर में होती है। कुशल राज के अनुसार उत्पादक राज्यों में हाल ही में हुई अच्छी बारिश से आगे केस्टर सीड की बुआई में तेजी आने का अनुमान है।