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दिल्ली सरकार से नाराज हैं गेहूं किसान, घोषित भाव पर नहीं हो रही खरीद
दिल्ली सरकार से नाराज हैं गेहूं किसान, घोषित भाव पर नहीं हो रही खरीद

दिल्ली सरकार से नाराज हैं गेहूं किसान, घोषित भाव पर नहीं हो रही खरीद

जटखोड़ के गेहूं किसान ब्रहमदेव नरेला मंडी में गेहूं बेचने आए तो पता चला कि यहां गेहूं की सरकारी खरीद ही नहीं हो रही है तो उन्हें मायूसी हाथ लगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने गेहूं की खरीद 2,616 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर करने का वादा किया था, लेकिन खरीद ही न होने से इस मूल्य का उनके लिए कोई मायने नहीं रह गया। खुले बाजार में गेहूं सरकारी मूल्य से काफी नीचे 1,750 से 2,055 रुपये प्रति क्विंटल पर बिक रहा है।

माजरा डबास गांव के किसान सन्नी डबास दो ट्राली गेहूं बेचने मंडी में आए, तो उनका गेहूं 2,041 से 2,055 रुपये प्रति क्विंटल के भाव बिका। उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद थी, राज्य सरकार 2,616 रुपये पर गेहूं की खरीद करेगी, लेकिन समर्थन मूल्य पर खरीद नहीं होने से उन्हें मजबूरन व्यापारियों को कम भाव पर गेहूं बेचना पड़ा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने हमे अंधेरे में रखा है, इसका असर लोकसभा चुनाव पर पड़ेगा।

बाहरी दिल्ली में बड़े पैमाने पर हो रही है खेती

बाहरी दिल्ली के नरेला, बवाना, कंझावला तथा नजफगढ़ के गांवों में बड़े पैमान पर गेहूं और धान के साथ ही सब्जियों की खेती की जाती है। अगस्त 2017 में हुए दिल्ली के बवाना उपचुनाव में आम आदमी पार्टी को बड़ी जीत मिली थी, लेकिन लोकसभा चुनाव में राज्य सरकार को गेहूं किसानों की नाराजगी झेलनी पड़ेगी।नरेला मंडी के अधिकारियों को नहीं मिला है आदेश

नरेला मंडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने आउटलुक को बताया कि हमें राज्य सरकार से अभी कोई आदेश प्राप्त नहीं हुआ है इसलिए यहां पर गेहूं की सरकारी खरीद नहीं नहीं हो रही है। उन्होंने बताया कि भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) ने 1,840 रुपये प्रति क्विंटल की दर पर गेहूं खरीदने का बोर्ड लगाया हुआ है, तथा एफसीआई को मंडी की तरफ से गेहूं की खरीद के लिए दो नंबर शेड दे रखा है, हालांकि मंडी में एफसीआई का कोई भी कर्मचारी या फिर अधिकारी मौजूद नहीं था। नरेला मंडी के सचिव श्याम लाल शर्मा मंडी में मौजूद नहीं थे, पता चला कि उनके पास आजादपुर मंडी का चार्ज भी है, इसलिए नरेला मंडी में केवल मंगलवार, गुरूवार को शनिवार को ही बैठते हैं।

दिल्ली के विकास मंत्री ने 2,616 रुपये के भाव गेहूं खरीदने का किया था वादा

दिल्ली के विकास मंत्री गोपाल राय ने फरवरी में घोषणा की थी कि राज्य के किसानों को फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) स्वामीनाथन कमेटी की सिफारिशों के आधार पर दिया जायेगा। विकास मंत्री गोपाल राय ने माना है कि दिल्ली में करीब 20,000 किसान हैं। उन्होंने कहा था कि राज्य के किसानों से गेहूं की खरीद 2,616 रुपये और धान की खरीद 2,667 रुपये प्रति क्विंटल के भाव की जायेगी। इस मामले में मंत्री से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।

एक-दूसरे विभाग पर डाल रहे हैं जिम्मेदारी

दिल्ली सरकार के खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार हमारा विभाग केवल वितरण का काम करता है, तथा गेहूं की समर्थन मूल्य पर खरीद का काम दिल्ली राज्य नागरिक आपूर्ति निगम लिमिटेड का है। दिल्ली राज्य नागरिक आपूर्ति निगम लिमिटेड के सीनियर मैनेजर पी के राघव ने बताया कि गेहूं और धान की खरीद हम किसानों से नहीं करते हैं, बल्कि एफसीआई से खरीद करते हैं।